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ग्रामीणों को ऑनलाईन सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर की गई प्रज्ञा केन्द्र की स्थापना

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Raghunandan Mehta

रघुनंदन कुमार मेहता

गिरिडीह। केन्द्र व राज्य सरकार हर पंचायत को डिजिटल इंडिया के तहत हाईटेक किया जा रहा है। यहां तक कि गांव की महिलाओं को इन्टरनेट चलाना के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। डिजिटल इंडिया के तहत हर पंचायत में ग्रामीणों को ऑनलाईन सुविधा उपलब्ध कराने व प्रमाण पत्रों के लिए प्रखंड, अनुमंडल व जिला मुख्यालय की चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाने के लिए प्रज्ञा केन्द्र की स्थापना की गयी है।

जहां से ग्रामीणों को जाति, आय, आवासीय, मृत्यु जन्मआदि प्रमाण पत्र का ऑनलाईन आवेदन करने की सुविधा बहाल किया गया है। जिससे ग्रामीणों को अपने हीं पंचायत में हर सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि सरकार द्वारा पंचायतों को हर तरह से सुसज्जित तो कर दिया गया। लेकिन उसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।

जबकि राज्य सरकार गांव के अंतिम पायदान पर रहने वालों तक विकास की रौशनी पहुंचाने कि बात कही जा रही है। आज भी बिरनी अंचल क्षेत्र के पडरमनियां पंचायत के ग्रामीणों को जाती आय आवासिय आदि प्रमाण पत्रों के लिए प्रखंड मुख्यालय से लेकर राजस्व कर्मचारी के आवास तक का चक्कर लगाना पड़ रहा है।

वह भी एक दिन के चक्कर लगाने मात्र से कार्य का निष्पादन नहीं हो पा रहा है। जबकी सरकार द्वारा राजस्व कर्मचारी को पंचायत में रहकर कार्य निष्पादन के लिए हर पंचायत में लाखों खर्च कर तहसील कार्यालय का निर्माण किया गया है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि पंचायत में निर्माणाधीन तहसील कार्यालय में अक्सर ताला हीं लटका रहता है। जिससे विशेष कर विद्यालय में अध्यनरत छात्र छात्राओं को प्रमाण पत्रों के निर्माण कराने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

क्या कहते हैं ग्रामीण 

पंचायत के राखी कुमारी, सबनम खातून, अजय मंडल, पिन्टू कुमार मंडल, अशोक मंडल, रवि कुमार मंडल आदि छात्र छात्राओं व ग्रामीणों के अनुसार बताया जाता है कि सरकार द्वारा पंचायत में राजस्व कर्मचारी तो प्रतिनियुक्ति कर दिया गया है। लेकिन किसी भी कार्य के लिए प्रखंड मुख्यालय में स्थित राजस्व कर्मचारी के आवासिय कार्यालय पहुंचना पड़ता है।

सबसे बडी परेशानी तो यह है कि पडरमनियां पंचायत से प्रखंड मुख्यालय की दुरी लगभग पैतिस किमी है। अगर प्रखंड मुख्यालय पहुंच भी गया तो वहां प्रमाण पत्रों के आवेदन प्रपत्र पर कर्मचारी से अनुशंसा कराने के लिए चाय नास्ता का खर्च चुकाना पड जाता है । ऐसे में इससे तो अच्छा पहले था जो मैनूअल हर कार्य दो से तीन दिनों में हो जाता था।

इधर इस संबध में पडरमनियां पंचायत में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी सदानंद राय से उनका पक्ष जानने के लिए उनके मोबाईल नंबर 9939148113 पर कई बार सम्पर्क स्थापित किया। लेकिन मोबाईल रिसीव नहीं किया गया ।जिसके कारण उसका पक्ष नहीं लिया जा सका।