SDM Rituraj

इस कलेक्टर की हर कोई कर रहा है वाहवाही

118
राज कुमार सरई

राज कुमार सरई

सिंगरौली। शासन के दिए गए मापदंडों से बढ़कर विस्थापितों को लाभ पहुंचाने की गई है यह अथक प्रयास। पुरानी सभी विसंगतियों को किया दूर, नए निर्देशों के साथ नीति लागू करने दिए आवश्यक दिशा निर्देश।

APMDC कम्पनी, देवसर उपखण्ड में कर रही है कई ग्रामों में अपनी परियोजना के निर्माण का कार्य। देवसर SDM श्री ऋतुराज (IAS) हैं भू अर्जन अधिकारी। पूर्ण रूप से किया जाएगा उक्त नीति का अनुपालन।

नीति के प्रमुख बिंदु—

मकान /भूखंड  का आवंटन- विस्थापित परिवार को ग्राम खनुआ में 90×60 का भूखंड देकर कंपनी मकान निर्मित कर के देगी। यदि कोई परिवार उक्त सुविधा नही चाहता तो उसे मकान का 5 लाख और भूखण्ड का 2 लाख यानि 7 लाख दिया जाएगा।

निशुल्क परिवहन ब्यवस्था तथा परिवहन व्यय- विस्थापित परिवार को अपनी घरेलू सामग्री को अन्यत्र परिवहन हेतु 50 हज़ार रुपए दिए जाएँगे।

विस्थापित परिवार को नौकरी, प्रशिक्षण और छात्रवृत्ति-विस्थापित परिवार के कमसे कम एक सदस्य को नौकरी, साथ ही अन्य को प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा।

बेरोज़गारी भत्ता कई गुना बढाया गया- नौकरी न मिल पाने तक एक सदस्य को 5000 की जगह 7000/- का भत्ता अगले 3 साल तक दिया जायेगा।

विशेष पुनर्वास अनुदान से अत्यंत गरीबों को ध्यान में रखा गया- विस्थापन दिनांक से 3 वर्ष की अवधि तक भूमिहीन कृषि मज़दूर परिवार को 3500/-रु प्रतिमाह और अनुसूचित जाति, जनजाति भूमिस्वामी और अन्य परिवार को भी 3500/-रू प्रतिमाह विशेष अनुदान राशि दी जाएगी।

वृद्धावस्था पेंशनविस्थापित भी कई गुना बढाया गया- परिवार  के महिला एवं पुरुष सदस्य जिनकी उम्र जिनकी उम्र55 वर्ष के हो चुकी है 2000/-रु प्रतिमाह दी जाएगी।

शिक्षा एवं छात्रवृति पर विशेष ध्यान दिया गया- कक्षा 1 से 12 तक के बालक छात्र को 500/-रु प्रतिमाह और बालिका छात्रा को 600/- रु प्रतिमाह छात्रवृति और 10बी और 12वी में प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को ₹50000 दिया जाएगा।

महुआ एवं तेंदूपत्ता संग्रहण भत्ता। परिवार के मुखिया को ₹50000 न्यूनतम  दिया जाएगा यदि वह महुआ संग्रहण करता रहे। कैटल शेड हेतु अनुदान। विस्थापित परिवार के मवेशियों को रहने के लिए केटल शेड हेतु ₹50000 एकमुश्त राशि दी जाएगी।

पुनर्वास कॉलोनी एवं उसमें दी गई सुविधाएं…

स्कूल, सामुदायिक भवन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, साप्ताहिक बाजार, खेल का मैदान, शुद्ध पेयजल व्यवस्था, उचित मूल्य की दुकान, आंगनबाड़ी केंद्र, मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर की स्थापना।

सड़क, स्ट्रीट लाइट, जल प्रवाह के लिए पक्की नालियां, स्मशान कब्रिस्तान आदि निर्मित सर्वसुविधायुक्त कॉलोनी का निर्माण कंपनी को करना होगा। इन सभी नीतियों का पालन करने जिला कलेक्टर ने कंपनी को भी आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।