गर्मी

गर्मी से लोग परेशान, झुलसा रही दुपहरी, घर से निकलना हुआ दुश्वार

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असहनीय हो चुकी गर्मी में बिजली की बदहाल व्यवस्था लोगों का जीना कर रही है मुहाल…

Mithiliesh Pathak

मिथिलेश पाठक

 

 

 

 

 

 

श्रावस्ती: प्रदेश में इस समय सूर्य देवता सीधे आग उगल रहे हैं। तराई के जिले श्रावस्ती में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदला हुआ हैं। बाजार और सड़कें 10 बजते ही सुनसान हो जाती हैं, ऊपर से बिजली की बदहाल व्यवस्था लोगों को और सता रही है। बिजली की उपकरण घण्टों शोपीस बने रहते हैं।

तराई के जिले श्रावस्ती में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल चुका है। सुबह से ही निकलने वाली सूरज की तेज़ किरणें, ऊपर बन्द हवा आग में घी का काम कर रही है। जिले का पारा 44 डिग्री से ऊपर पहुंच चुका है जिसके चलते बाजार की रौनक गायब हो गई है। साथ ही 10:00 बजे के बाद जिले के मुख्य मार्गों के साथ ही बाजार भी सुने सुने दिखाई पड़ते हैं। भीषण गर्मी से सिर्फ इंसान ही नहीं पशु-पक्षी भी चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों से बचने का जुगाड़ करते दिखाई पड़ते हैं।

तराई के मौसम के तख्त तेवर के चलते प्रमुख बाजार और मार्ग सुनसान दिखाई पड़ रहे हैं। 10:00 बजे के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकलने के लिए भी परहेज करते हैं मौसम का असर सिर्फ इंसान ही नहीं पशु-पक्षियों पर भी देखने को मिल रहा है मौसम के तेवर देख कर जहां ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चे तालाबों में मौज मस्ती करते नजर आ रहे हैं, वही बड़े बुजुर्ग बाग और पेड़ की छांव में शाम होने का इंतजार करते हैं।

गर्मी का सबसे बड़ा असर नगरीय क्षेत्रों में दिखाई पड़ता है जहां पर लोग गर्मी से बचने के लिए गमछे और छाते का उपयोग करते हुए दिखाई देते हैं। बढ़ती गर्मी को देखकर जिले के डॉक्टर भी लोगों को एतिहात बरतने का निर्देश देते हैं। इन भरी दोपहरी में कहीं जाना पड़े तो बहुत ही सावधानी बरतने की आवश्यकता है। गर्मी के चलते गला तर करने के लिए कोई जूस तो कोई कोल्ड्रिंग का उपयोग कर रहा है लगातार बढ़ती गर्मी से चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है।

ज़िले में चिलचिलाती धूप और गर्मी के कारण लोगों का घरों से निकलना मुहाल हो गया है। लोग घरों में ही कैद होकर रह गए हैं। जून के महीना समाप्ति की ओर है परन्तु मानसून के अब तक न आने से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। उमस भरी गर्मी से जन जीवन प्रभावित हो गया है। पिछले कई दिनों से दिन का तापमान बढ़ गया है। सड़कों पर लोगों की आवाजाही बहुत कम दिख रही है। तपिश के कारण लोग धूप में निकलने से बच रहे हैं। इस समय दिन में भी सड़को पर सन्नाटा पसरा दिखाई पड़ रहा है। विद्यालय अवकाश होने के कारण लोग घरों में ही कैद हो गए हैं। गमछा व छाता साथ लेकर ही लोग घर से बाहर निकल रहे हैं। जिले में बढ़ते तापमान से लोगों को परेशानी में डाल दिया है। जंगली पशु पक्षी पानी की तलाश में शहर व गांव की तरफ पहुंचने लगे हैं।

गर्मी से परेशान होकर लोग नदी, तालाब, नाले और नहर में राहत पाने की जुगत ढूंढ रहे हैं, परन्तु पानी में नहाने जा रहे अधिकांश लोगों की डूबकर लगातार मौत हो रही है। बीते सप्ताह ही 4 मासूम, 2 युवा समेत 6 लोगों की पानी मे नहाने के दौरान डूबकर मौत हो चुकी है।