फीफा 2018: इंग्लिश फुटबॉलर हैरी केन गोल्डन बूट की रेस में सबसे आगे

हैरी केन
FIFA WORLD CUP: Harry Ken, England's skipper is on the top of Golden Boot list...
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विश्व कप 2018 में अब तक 146 गोल हुए हैं, इनमें से 4.10% गोल इंग्लिश फुटबॉल हैरी केन के नाम हैं। कप्तान के रूप में हैट्रिक लगाने वाले हैरी केन पहले इंग्लिश फुटबॉलर हैं। विश्व कप के ग्रुप स्टेज में सबसे ज्यादा गोल रूस के ओलेग सालेंको ने किए हैं ….

Shabab Khan
शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

 

 

 

 

 

 

मॉस्को: फीफा 2018 फुटबॉल विश्व कप अपने पूरे शबाब पर धीरे धीरे पहुंच रहा है। फुटबॉल के दीवाने देशों में, खासकर यूरोपीय देशों में विश्वकप की दीवानगी सर चढ़ कर बोल रही है। न्यूज़ एजेंसीज़ के मुताबिक युरोप, ब्रिटेन जैसे फुटबॉल क्रेज़ी देशों में होटल, रेस्टोरेंट्स, बार्स, कैफ़ैज़ में बड़ी स्क्रीन पर मैच दिखाने का इंतजाम किया गया है।

इधर फुटबॉल विश्व कप की क्वार्टर फाइनल लाइन-अप तय होने के साथ ही खिताब और गोल्डन बूट के दावेदारों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी को दिए जाने वाले गोल्डन बूट की दावेदारी में इंग्लैंड के हैरी केन सबसे आगे हैं। वे 3 मैच में 6 गोल कर चुके हैं और उन्हें कोई टक्कर देता भी नहीं दिख रहा है। हैरी के बाद बेल्जियम के रोमेलु लुकाकू और पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो का नाम है। दोनों ने 4-4 गोल किए हैं। पुर्तगाल के बाहर होने से रोनाल्डो अब इस विश्व कप में गोल कर नहीं पाएंगे। ऐसे में लुकाकू के पास ही उनसे आगे निकलने का मौका है।

जिस मैच में खेले, गोल किया, इंग्लैंड जीता

हैरी केन ने इस विश्व कप में अब तक 3 मैच खेले। इनमें से उन्होंने हर मैच में गोल किया। इंग्लैंड भी हर उस मैच में जीता, जिसमें उन्होंने गोल किया। टूर्नामेंट से पहले इंग्लैंड को विश्व कप जीतने के दावेदारों में नहीं गिना जा रहा था, लेकिन हैरी केन ने अपने कमाल से टीम को इस दौड़ में शामिल करा दिया। अपने पहले विश्व कप में कप्तान के तौर पर खेलते हुए हैरी केन ने ग्रुप स्टेज के पहले मैच में ट्यूनीशिया के खिलाफ 2 गोल किए। पहला गोल उन्होंने 11वें मिनट में किया। ट्यूनीशिया के फरजानी सासी ने 35वें मिनट में गोलकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद हैरी केन ने इंजरी टाइम (90+1 मिनट) में गोलकर टीम की जीत पक्की की। इंग्लैंड का दूसरा मैच पनामा से था। इंग्लैंड ने यह मैच 6-1 से जीता। मैच में हैरी केन ने हैट्रिक लगाई। उन्होंने पेनल्टी को गोल में बदला और 62वें मिनट में बॉक्स के किनारे से शॉट मारकर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया।

ग्रुप के तीसरे मैच में बेल्जियम के खिलाफ वे खेले नहीं। इस मैच में इंग्लैंड 1-0 से हार गया। कोलंबिया के खिलाफ प्री-क्वार्टर फाइनल मैच में भी हैरी केन ने फिर अपना जलवा दिखाया। हाफटाइम तक दोनों टीमें गोल करने में नाकाम रहीं। 57वें मिनट में हैरी केन ने पेनल्टी को गोल में बदलकर टीम को आगे कर दिया। हालांकि इंजरी टाइम (90+3 मिनट) में येरी मिना ने गोलकर मैच को एक्सट्रा टाइम में पहुंचा दिया। एक्सट्रा टाइम में कोई गोल नहीं हुआ। पेनल्टी शूट आउट में भी हैरी केन ने एक गोल किया और टीम की जीत की रास्ता साफ किया।

स्वीडन के खिलाफ भी कर सकते हैं गोल

इस विश्व कप में हैरी केन ने अब तक जिस तरह प्रदर्शन किया है, उससे देखकर तो यही लगता है कि स्वीडन के खिलाफ 7 जुलाई को होने वाले मैच में भी वे गोल करेंगे। कोलंबिया के खिलाफ जीत दर्ज करने के बाद खुद हैरी केन ने भी ऐसा ही दावा किया। उन्होंने कहा था “फिलहाल मुझे लगता है कि मैं अपने हर मैच में गोल कर सकता हूं। विशेषकर जब चीजें आपके पक्ष में हों तब आप मैदान में उतरने के लिए इंतजार नहीं कर पाते।” हालांकि, बेल्जियम के खिलाफ मैच में नहीं उतरने देने के कोच गैरेथ साउथगेट के फैसले का बचाव भी किया। उन्होंने कहा, “शायद अगर मैं बेल्जियम के खिलाफ खेलता और गोल नहीं कर पाता तो सोच रहा होता कि मैंने पिछले मैच में गोल नहीं किया।”

इंग्लैंड की ओर से विश्व कप में सबसे ज्यादा गोल करने वाले दूसरे खिलाड़ी: हैरी केन इस विश्व कप में 6 गोल कर चुके हैं। इंग्लैंड के लिए विश्व कप में सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड गैरी लिनकर के नाम है। उन्होंने 1986 और 1990 के विश्व कप में कुल 10 गोल किए थे। हैरी विश्व कप के अपने सभी 3 मैच में गोल करने वाले इकलौते इंग्लिश फुटबॉलर हैं। इससे पहले रोन फ्लावर ही विश्व कप के शुरुआती 2 मैच में इंग्लैंड की ओर से गोल कर पाए थे। 24 साल के हैरी केन इंग्लैंड के सबसे युवा कप्तान हैं। उनसे पहले यह रिकॉर्ड बॉबी मूर के नाम था। मूर को 1966 में कप्तान बनाया गया था, तब उनकी उम्र 25 साल की थी।

कैसे चुना जाता है गोल्डन बूट का विजेता: विश्व कप में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी को गोल्डन बूट अवॉर्ड दिया जाता है। हालांकि जब किन्हीं दो खिलाड़ियों ने बराबर गोल किए होते हैं तब देखा जाता है कि उनमें से किस खिलाड़ी ने एसिस्ट ज्यादा किए हैं। वहां भी बराबरी होने पर जिस खिलाड़ी को कम यलो कार्ड मिले होते हैं उसे इस सम्मान के लिए चुना जाता है। सबसे ज्यादा गोल करने के मामले में दूसरे नंबर पर रहने वाले फुटबॉलर को सिल्वर बूट और तीसरे नंबर के गोल स्कोरर को ब्रॉन्ज बूट दिया जाता है।

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