फ़िल्म ‘न्यूटन’ के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार पाकर गोपालगंज का नाम रौशन किया पंकज त्रिपाठी

pankaj tripathi
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Rajnish
रजनीश

गोपालगंज। राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार की घोषणा के साथ ही जिले के लोगों में हर्ष छा गया।फ़िल्म ‘न्यूटन’ में शानदार अभिनय के लिए जिले के लाल व फिल्म अभिनेता पंकज त्रिपाठी को स्पेशल अवार्ड के लिए चुने गए।जैसे ही यह खबर लोगों को मिली जिले के लोग अपने लाल की इस उपलब्धि पर फुले नही समाये।

शुक्रवार को जिले में पंकज को इस अवार्ड के लिए चुने जाने की खूब चर्चा रही। सोशल मीडिया पर दिन भर बधाई संदेशों का तांता लगा रहा। युवकों ने अपने फेसबुक पेज पर पंकज त्रिपाठी का प्रोफाइल फोटो लगा कर इस मौके को सेलिब्रेट किया। पंकज के गांव बेलसंड के युवकों की ख़ुशी तो देखते ही बनती थी।

कुछ दिन पूर्व ही तो पंकज अपने गांव भी आए थे।उन्होंने इलाके में घूम कर शौचालय बनाने के लिए लोगों को प्रेरित भी किया था। वहीं खुद कुदाल थाम कर गड्ढे भी खोदे थे। वे थावे के चनावे जेल भी गए थे। कैदियों से बातचीत की। उन्हें संघर्ष करने का हौसला दिलाया।

गांव के युवक अमन कुमार सोनी कहते है -“पंकज भाई को नेशनल अवार्ड मिलने से हम लोग काफी खुश हैं।” मनोज तिवारी इसे सभी के लिए गौरव की बात बताते है। हालांकि पंकज त्रिपाठी के पिता बनारस तिवारी व मां किसी शादी विवाह के सिलसिले में पटना गए हुए हैं।

बरौली प्रखंड के बेलसंड गांव के साधारण किसान परिवार में जन्मे पंकज त्रिपाठी का फिल्मी सफर आसान नहीं रहा है। आज वे जिस मुकाम पर है उसके पीछे संघर्ष की लंबी कहानी है। पंकज ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में खुद कहा था कि संघर्ष के दिनों में उन्होंने पटना के एक होटल में नौकरी करते हुए आलू-प्याज छीलने तक का काम किया था।

पंकज की मैट्रिक तक की पढ़ाई गांव में ही हुई थी। उन्होंने पटना से होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई की। लेकिन उनके भीतर छुपा हुआ कलाकार कुछ और करना चाहता था। काफी मेहनत के बाद उनका चयन नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के लिए हुआ। इसके बाद फिर पंकज त्रिपाठी ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा। 2004 में फिल्म रण के साथ अपना फिल्मी करियर शुरू करने वाले पंकज अब तक चालीस फिल्मों व दर्जनों टीवी सीरियल में काम कर चुके हैं।

उनकी प्रमुख फिल्मों में मांझी द माउंटेन मैन,नील बाटा सन्नाटा, गैंग ऑफ वासेपुर, ओंकारा,गुंडे, ग्लोबल बाबा,न्यूटन हैं। पंकज त्रिपाठी को हाल ही में मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में ‘बिहार सम्मान’ से उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी व महाराष्ट्र के मुख्य मंत्री देवेन्द्र फडणविस ने सम्मानित किया था। तब उन्होंने अपने फेसबुक पर एक पोस्ट डाला था। जिसमें उन्होंने लिखा था कि “यह पुरस्कार उन समस्त ग्रामीण युवाओं को समर्पित है जो संसाधनों की कमी के बावजूद आसमां छूने का ख्वाब रखते है।”

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