वाराणसी में मौत का तांडव, निर्माणाधीन फ्लाई-ओवर गिरा, 19 मौतों की पुष्टि, बढ़ सकती है मृतकों की संख्या

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कैंट रेलवे स्टेशन के करीब हुआ हादसा, फ्लाईओवर के दो स्लैब नीचे सड़क से गुजर रहे वाहनों पर अचानक गिरे, वजन से माचिस की डिब्बी की तरह चिपक गये वाहन…

घटनास्थल पर लोगों का हुजुम, बंद कर दिये गयेे कैंट की ओर जाने वाले सभी रास्ते, केशव प्रसाद मौर्या तकरीबन 10:00 बजे पहुँचे कबीर चौरा अस्पताल, 12:30 बजे पहुँचे सीएम योगी…

Shabab Khan
शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

 

 

 

 

 

 

वाराणसी: मंगलवार की शाम काशीवासीयों के लिए कयामत की शाम साबित हुई। दरअसल निर्माणाधीन फ्लाईओवर का दो स्लैब नीचे जाम में फंसी गाड़ियों पर गिर गया। बचाव कार्य लगभग समाप्त हो चुका है और गिरा हुआ फ्लाईओवर गाड़ियों पर से हटा लिया गया है। हादसे की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित कर दी गई है।

कांक्रीट और लोहे से बने स्लैब के नीचे से दबी गाड़ियों में से 3 लोगों को जिंदा बचा लिया गया, जबकि 15 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। गाड़ियों में 50 से अधिक लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही थी, हालांकि अब तक मृतकों की निश्चित संख्या का पता नहीं चल सका है।

सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए 5-5 लाख रुपये और घायलों के लिए 2-2 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है।

कैंट रेलवे स्टेशन के समीप AEN कॉलोनी के सामने निर्माणाधीन चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर की दो बीम मंगलवार की शाम साढ़े पांच बजे सड़क पर गिर पड़ीं। बीम के नीचे एक महानगर सेवा की बस सहित एक दर्जन वाहन दब गए। रात नौ बजे तक 18 लोगों के मरने की खबर है। 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं। बीम के नीचे दबे वाहनोें को गैस कटर से काट कर सेना और एनडीआरएफ के जवानों ने 16 शव और छह घायलों को बाहर निकाल लिया है।

घायलों का बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर सहित शहर के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। हादसे की जानकारी मिलने पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य कबीर चौरा और फिर बीएचयू पहुँचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी देर रात पहुंचे। अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की।

हादसे के बाद यहां पहुंचे डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने सेतु निगम के चार अभियंताओं को निलंबित कर दिया है। चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर एचसी तिवारी, प्रोजेक्ट मैनेजर राजेन्द्र सिंह और केआर सुदन व अवर अभियंता लालचंद पर यह कार्रवाई की गई है। वाईके गुप्ता की अध्यक्षता में तकनीकी टीम का गठन किया गया है। यह 15 दिन में अपनी रिपोर्ट देगी।

कैंट-लहरतारा मार्ग पर एईएन कॉलोनी के सामने शाम साढ़े पांच बजे के लगभग निर्माणाधीन फ्लाईओवर पर मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान सड़क की दाईं लेन पर पिलर के ऊपर रखी 50-50 फीट लंबी दो बीम तेज धमाके और धूल के गुबार के साथ सड़क पर गिर पड़ीं। तेज धमाका सुनकर वसुंधरा और एईएन कॉलोनी के लोग अपने घरों से बाहर निकल कर भागे। राहगीरों में भी भगदड़ मच गई। हादसे के लगभग आधा घंटे बाद पुलिस पहुंची और तकरीबन डेढ़ घंटे बाद राहत और बचाव कार्य शुरू हुआ।

जिन बीम के नीचे वाहन दबे थे, उसे हटाने के लिए एक-एक कर नौ क्रेन आईं लेकिन उठा नहीं सकीं। सभी नौ क्रेन की मदद से बीम को हल्का सा उठाया गया तो दो ऑटो, दो बोलेरो, एक कार और एक अप्पे को बाहर निकाल कर महानगर बस को खींचा गया।

इस दौरान देरी से राहत और बचाव कार्य शुरू होने के कारण भीड़ में मौजूद लोगों ने पुलिस-प्रशासन के विरोध में जमकर नारेबाजी की और अधिकारियों से नोकझोंक हुई। हादसे के बाद इंग्लिशिया लाइन और लहरतारा चौराहे के बीच वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया गया।  ये दुर्घटना वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के पास जीटी रोड पर कमलापति त्रिपाठी इंटर कॉलेज के सामने घटित हुई है। मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है।

पूरे शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। जिसने हादसे के बारे में सुना वो कैंट की तरफ भागा, पुलिस ने वाहनों को रोक दिया तो हजारों का मजमा कैंट के रुख में चलता नजर आया। भीड़ का आलम यह था कि बार-बार पुलिस को ड़डा पटकना पड़ रहा था।

बुधवार 12 बजे के आसपास पीएम मोदी और अमित शाह के भी बनारस आने की खबर है।

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