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काशी के तीन विनायकों के मंदिर तोड़ने का श्राप है पुल दुर्घटना: राज बब्बर

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घायलों का हाल जानने वाराणसी पहुँचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष…

दयानंद तिवारी

दयानंद तिवारी

 

 

 

 

 

 

वाराणसी: काशी के 56 विनायकों में से तीन विनायकों के मंदिर भाजपा सरकार ने तोड़े हैं ये उसी की अति है, जिस तरह से पंचकोस में मंदिरों को तोड़ा जा रहा है उससे यहां के लोगों का कहना है कि यही अभिशाप इस हादसे की वजह है। उक्त आरोप चौकाघाट- लहरतारा फ्लाई ओवर हादसे में घायलों का हाल चाल लेने कबीरचौरा अस्पताल पहुंचे प्रदेश कांग्रेस राजबब्बर ने बुधवार को कहा। उन्होंने कांग्रेस की तरफ से सम्बंधित विभाग के मंत्री का तत्काल इस्तीफा मांगा और मुआवज़े की कीमत बढाने की भी मांग की है।

पूर्व फिल्म कलाकार और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने बुधवार को वाराणसी पुल हादसे के घायलों से कबीरचौरा और बीएचयू ट्रामा सेंटर में मुलाक़ात की। इसके अलावा उन्होंने घटना स्थल का भी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार के सम्बंधित विभाग के मंत्री से इस्तीफा मांगा और देश में चल रहे सभी फ्लाई ओवर और पुल के कार्यों को सुरक्षा समिति न बन जाने तक रोकने की बात कही।

राजबब्बर ने कहा कि हमारी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ है जिन्होंने अपनों को खोया है। सरकार इस हादसे पर ज़िम्मेदारी तय करना चाह रही है लेकिन ये ज़िम्मेदारी नहीं लापरवाही है। जहां इतना बड़ा पुल बनाया जा रहा है वहां पर सुरक्षा का क्या इंतज़ाम था। हादसे की विभीषिका झेल रहे लोगों के साथ हमारी और कांग्रेस की संवेदनाएं हैं।

प्रधानमंत्री मना रहे कर्नाटक में जश्न
राजबब्बर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में उनपर पलटवार करते हुए कहा कि अगर देश की किसी भी लोकसभा में यह हादसा हुआ होता तो वहां का सांसद पूरे काम बीच में छोड़कर पहले पहुंचता। मगर हमारे देश के प्रधानमंत्री और वाराणसी के सांसद कर्नाटक जीत का जश्न मना रहे हैं। इसके अलावा वहां पर अगर कुछ विधायक जादूई आंकडें से कम है उनकी जोड़ तोड़ के लिए कई कैबिनेट मंत्री बैंगलूर पहुंचे हैं। ये उनकी ज़िम्मेदारी है उन्हें कि यहां भी अपना प्रतिनिधि भेजना चाहिए था।

मंदिरों के तोड़ने का अभिशाप
राजबब्बर ने काशीवासियों की बात के परिपेक्ष्य में आरोप लगाते हुए कहा कि काशी के 56 में से तीन गणपति विनायक के मंदिर तोड़ दिए हैं भाजपा सरकार ने। उन्‍होंने कहा कि काशीवासियों का कहना है कि विनायक तोड़ें हैं तो अति तो होनी ही थी। राज बब्‍बर ने आरोप लगाया कि जिस तरह से पंचकोस में स्थित मंदिरों को तोड़ा जा रहा है यहां के लोग मांन रहे हैं की ये उसका अभिशाप है।

सम्बंधित मंत्री दें इस्तीफा
राजबब्बर ने कहा कि डिप्टी सीएम ने इस घटना के पीछे चंद अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया, इसके माने क्या हुआ जो लोग इस काम को करवा रहे हैं राजनितिक ताकतों की दबाव में वो किसी भी राहगीरों का और वहां पर बसने वालों को कोई भी सुरक्षा मुहैया नहीं करवा रही है। चुनाव के पहले किसी भी हाल में पुल पूरा कराने की कवायाद की जा रही है। उन्होंने कहा कि मैं सिर्फ ये कहना चाहूंगा की प्रधानमंत्री जी यहां के सांसद भी है और यहां के जो सेतु विभाग के मंत्री हैं उन्‍हें इस्तीफा देना चाहिए।

प्रधानमंत्री बंद करवा दें पूरे देश में पुल का काम
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने कहा कि पूरे प्रदेश में जो सेतु बनाने के काम चल रहे हैं, उन्हें बंद कर देना चाहिए। देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री को चाहिए कि सबसे पहले कमेटी मीटिंग बुलाकर ये चर्चा करनी चाहिए कि इन पुलों के निर्माण में सुरक्षा के क्या क्या उपाय किये गये हैं। उसके बाद काम शुरू किया जाए क्योंकि ऐसे हादसे लापरवाही की वजह से हो सकते हैं।

लापरवाही का मामला है
कोलकाता में ओवर ब्रिज में हादसे के बाद प्रधानमंत्री के बयान ”This is not act of God, This is act of fraud” पर कहा कि मैं उस बात को नहीं कहना चाहूंगा, बस ये कहूंगा की ये लापरवाही का मामला है। प्रदेश के अन्दर प्रदेश के जिम्‍मेदारों ने जिस तरह से अधिकारियों को सस्पेंड करके अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश की है। इसके अन्दर तमाम वो मंत्री तमाम वो लोग जो इस पुल को जल्दी तैयार करवाने के लिए लोगों की ह्त्या कर रहे हैं। राज बब्‍बर ने इस बात से भी इनकार किया कि पुलों को मौत का सौदागर नहीं कहना चाहिये।

तो केशव मौर्या दें इस्तीफा
राजबब्बर ने सूबे के उप मुख्यमंत्री और सम्बंधित विभाग के मंत्री केशव प्रसाद मौर्या का बिना नाम लिए कहा कि यदि मंत्री महोदय यहां आके बैठने के बजाए, अधिकारियों को निलंबित करने के बजाए, वो स्वयं इस्तीफा देते तो बात होती। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को यहां इस दुःख की घड़ी में आना चाहिए था। यदि वो नहीं आ पाए तो उन्हें अपने किसी कैबिनेट मिनिस्टर को यहां का हाल चाल लेने के लिए भेजना चाहिए था। उनका यहां नहीं आना गंभीर मसला है।

मृतकों को मिले 50 लाख
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश सरकार से मृतकों को 5 लाख और घायलों को 2 लाख मुआवजा देने की निंदा की। उन्होंने कहा कि जिसके परिवार का सब कुछ उजाड़ गया उसका जीवन 5 लाख में कैसे चलेगा। हम सरकार से मांग करते हैं कि मृतकों को 50 लाख और घायलों को चोट के हिसाब से 10 से 20 लाख रुपये की मदद की जाए। अगर ऐसा नहीं होता है तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में आन्दोलन करेगी।