‘मेक इन इंडिया’ के लिए कुशल मैनपाॅवर तैयार कर रहा है एफडीडीआई

एफडीडीआई
Press Conference in Footwear Design and Development Institute aka FDDI...
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फुटवियर डिज़ाइन एण्ड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट, फुरसतगंज में आयोजित पत्रकारवार्ता में FDDI की प्रीति भटनागर, शिखा श्रीवास्तव, राजेश शर्मा, नलिन पांडे नें संस्थान से सम्बंधित जानकारी दी…

Rahul Yadav
राहुल यादव

रायबरेली (फुरसतगंज): फुटवियर डिज़ाइन एण्ड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन फुटवियर टेक्नालाॅजी, रिटेल मैनेजमेंट, फ़ैशन डिज़ाइन, लेदर गुड्स एण्ड ऐसेसाॅरीज़ डिज़ाइन के क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा प्रदान करने वाला देश का अग्रणी संस्थान है। वर्ष 2017 में भारत सरकार द्वारा संसद में पारित विधेयक के द्वारा एफडीडीआई को ‘‘राष्ट्रीय महत्व का संस्थान’’ घोषित किया गया है।

एफडीडीआई में आयोजित प्रेस वार्ता में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए संस्थान की उप-प्रबंधक श्रीमती प्रीति भटनागर ने बताया कि एफडीडीआई के फुरसतंगज परिसर की स्थापना सन् 2008 में हुई थी। फुरसतगंज का ये परिसर राजधानी लखनऊ से मात्र 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अपने स्थापना वर्ष से ही यह परिसर उच्चाशिक्षा प्राप्त करने के लिए जिले एवं आसपास के क्षेत्र के विद्यार्थियों की पहली पसंद बना हुआ है। वर्तमान में लेदर, फुटवियर, रिटेल और फ़ैशन इण्डस्ट्री में डिजाइनर्स, मर्चेंडाइजर्स, मैनेजर, स्टोर इंचार्ज तथा अन्य स्किल्ड मैनपाॅवर की बढ़ती मांग को देखते हुए इन पाठ्यक्रमों में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं।

फुटवियर डिपार्टमेंट के सलाहकार टीडी सिन्हा ने बताया कि केन्द्र सरकार की रोजगार परक नीतियों के परिणाम स्वरूप आने वाले समय में फैशन, फुटवियर तथा लैदन डिज़ाइन एवं प्रोडक्शन तथा रिटेल मैनेजमेंट के क्षेत्र में विकास की असीम संभावनाएं हैं। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए एफडीडीआई, फुरसतगंज रायबरेली, अमेठी एवं आसपास के क्षेत्रों में लगातार इन पाठ्यक्रमों के विषय में जागरूकता बढ़ाने के उद्देय से समय-समय पर विभिन्न सेमीनारों आदि का भी आयोजन करता आ रहा है।

इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देय क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा के पारंपरिक विषयों से इतर अन्य विषयों की जानकारी देना है। साथ ही, इन सभी सेक्टरों में कुशल मानवश्रम की अत्याधिक आवयकता है। डिजाइनर्स, मर्चेंडाइजर्स, प्रोडक्शन मैनेजर्स, स्टोर इंचार्ज, स्टोर मैनेजर आदि कई ऐसे जाॅब प्रोफाइल हैं जिनके उम्मीदवरों की मांग बहुत ज्यादा है। एफडीडीआई पिछले कई वर्षों से भारतीय फैशन, फुटवियर, लेदर और रिटेल इंडस्ट्रीज़ के लिए स्किल्ड मैनपाॅवर तैयार करता आ रहा है।

पत्रकारों से रूबरु होते हुए एफडीडीआई की प्लेसमेंट इंचार्ज श्रीमती शिखा श्रीवास्तव ने कहा कि अपने शुरुआती वर्षों से ही एफडीडीआई, फुरसतगंज संस्थान के विद्यार्थियों के बेहतर प्लेसमेंट के लिए प्रतिबद्ध रहा है और इस पूरी कवायद में बाटा, रिलायंस रिटेल, लैण्डमार्क, सुपरहाऊस, मिर्जा, मदुरा गारमेंटस, रिलायंस फुटप्रिन्ट, विल्स लाइफ स्टाइल, शापर्स स्टाॅप, ग्लोबस, फ्यूचर ग्रुप, पेन्टालून, इम्पेक्टिवा, काविस फ़ैशन, अरविन्द, माॅन्टेकार्लो जैसे विश्वविख्यात ब्राण्ड एफडीडीआई के सहयोगी रहे हैं।

ज्ञातव्य है कि इस वर्ष की प्लेसमेंट प्रक्रिया के प्रथम चरण में डी-केथलाॅन, टाॅमी हिलफिग़र, काविस फ़ैशन, शापर्स स्टाॅप, टेन्जरीन (क्रूबाॅस), अरविंद फुटवियर, बाटा, चाल्र्स स्टूडियो, सुपर हाऊस, जैसी प्रतिष्ठित कम्पनियाँ हिस्सा ले रही हैं। प्लेसमेंट प्रक्रिया के आगामी चरण में देश-विदेश की कई नामी-गिरमी कम्पनियों से भाग लेने की सहमति प्राप्त हो चुकी है।

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि कुवैत की प्रतिष्ठित एपेरल ग्रुप आॅफ कम्पनीज़ ने एफडीडीआई, फुरसतगंज के रिटेल के छात्र विक्रम सिंह को लगभग 6लाख रुपए के वार्षिक पैकेज़ पर अनुबंधित किया है। एफडीडीआई में संचालित पाठ्यक्रम न केवल युवाओं को उच्च शिक्षा तथा रोजगार के अवसर प्रदान कर रहे हैं, अपितु वर्तमान में भारत सरकार की ‘‘मेक इन इण्डिया’’ की अवधारणा को भी प्रत्यक्ष तथा परोक्ष रूप से पोषित कर रहे हैं। एफडीडीआई का उद्देय भारत में तेजी से उन्नति की ओर अग्रसर  फ़ैशन, रिटेल तथा फुटवियर इंडस्ट्री को कुशल मैनपाॅवर प्रदान करना है और एफडीडीआई अपने इस उद्देय को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत भी है।संस्था के फ़ैशन डिज़ाइन डिपार्टमेंट के प्रमुख राजेश शर्मा और सहायक प्रबंधक नलिन पाण्डेय ने बताया कि एफडीडीआई के विभिन्न परिसरों में शैक्षणिक सत्र 2018-19 में फुटवियर डिज़ाइन एवं प्रोडकन, रिटेल एवं फ़ैशन मर्चेंडाइज, लेदर गुड्स एवं ऐसेसाॅरीज़ डिज़ाइन, फैशन डिज़ाइन में स्नातक तथा स्नातकोत्तर स्तर में विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ की जा चुकी है। इन सभी पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश के लिए प्रवेश-परीक्षाएं देश के विभिन्न केन्द्रों में आयोजित की जाती हैं। स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए न्यूनतम योग्यता इण्टरमीडिएट है। इस वर्ष इण्टरमीडिएट परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थी भी समान रूप से उक्त कोर्स के लिए योग्य माने जायेंगे।

इसी प्रकार स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम की न्यूनतम योग्यता स्नातक है। आॅनलाइन फार्म भरने की अंतिम तिथी 22 अप्रैल 2018 है। प्रवेश से संबंधी किसी भी जानकारी हेतु एफडीडीआई, फुरसतगंज में सम्पर्क किया जा सकता है। प्रवेश प्रक्रिया से संबंधी समस्त जानकारियाँ संस्था की वेबसाइट पर भी उपलब्ध हैं।

पत्रकार वार्ता को सफल बनाने में धनंजय कुमार, प्रदीप शुक्ला, गौरव तिवारी, श्वेता यादव, रुचि सिंह, विष्णु कुमार सिंह, मनोज यादव, बीरेन्द्र विक्रम सिंह, रीतेश रजक आदि का भी सराहनीय योगदान रहा।

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