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वाजपेयी के निधन पर शिक्षामित्र संघ ने किया शोक सभा का आयोजन

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Aashish Chauhan

आशीष चौहान

उन्नाव। अटल बिहारी वाजपेयी यदि सक्रिय राजनीति में होते तो शिक्षामित्रों की यह स्थिति ना होती। सैकड़ों की संख्या में शिक्षामित्र अकाल मृत्यु को प्राप्त ना होते। शिक्षामित्रों को लाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अब तक कुछ ठोस निर्णय ले लिए होते। उनके निधन से प्रदेश का शिक्षामित्र संघ अत्यंत दुखी है।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से द्रवित उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने स्थानीय निराला पार्क में शोक सभा का आयोजन किया। जिसमें बड़ी संख्या में महिला व पुरूष शिक्षा मित्रों ने भाग लिया और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की। शोक सभा को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष सुधाकर तिवारी ने उपरोक्त विचार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि आर्यावर्त भारत की यह अपूरणीय क्षति है। देश में आज अच्छा प्रशासक, राजनेता, वक्ता एवं कवि खो दिया है। देश से लेकर विदेश तक अपनी लोकप्रियता प्राप्त सभी संगठनों में सामंजस्य बनाने वाले माननीय अटल बिहारी वाजपेयी जी को दिल की गहराइयों से वंदन, अभिनंदन है। पूर्व प्रधानमंत्री अपने राजनीतिक काल में भारत के विकास के लिए जो योजनाएं चलाई।

आज भारत विकसित देश की श्रेणी में होने के लायक हुआ है। जिसको देश भुला नहीं सकता है। अटल बिहारी वाजपेयी सामंजस्य एवं जातिगत से ऊपर उठकर कुशल वक्ता एवं कवि हृदय पारदर्शी सोच रखने वाले देश हित में निर्णय लेने वाले व्यक्ति थे। जिन्हें राष्ट्रीय सपूत के नाम से भी कहा जाए तो कम है। मैं तो यह सरकार से मांग करता हूं माननीय पूर्व प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय सपूत का दर्जा दिया जाए।

वहीं जिला अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षामित्रों का जन्म माननीय प्रधानमंत्री जी के कार्यकाल में हुआ था। सक्रिय राजनीति में होते तो शिक्षामित्रों का मान-सम्मान वापस हो जाता। जो 700 से ज्यादा मौतें हुई हैं। वह शायद पूर्व प्रधानमंत्री बर्दाश्त ना कर पाते या ऐसी स्थिति ना आती। जिला अध्यक्ष ने कहा उन्नाव का ही नहीं अपितु पूरे प्रदेश का शिक्षामित्र राष्ट्र सपूत को खोने के दुख में अत्यंत दुखी है।

इस शोकग्रस्त समय में मैं ईश्वर से कामना करता हूं माननीय पूर्व प्रधानमंत्री जी जैसे धरती पर एक अतुलनीय के रूप में हम लोगों के बीच में रहे, वैसे ही गगन में एक सितारे के रूप में चमकते रहें। निराला पार्क में आयोजित शोकसभा में ज्ञान दीक्षित, गंगा बख्श सिंह, रामेंद्र द्विवेदी, रीता कुशवाहा, गीता शुक्ला, कुलदीप शुक्ला, वीरेंद्र मिश्रा, सर्वेश यादव, जयपाल यादव, सर्वेश वर्मा, सहित सैकड़ों की संख्या में शिक्षामित्र मौजूद थे जिन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई को श्रद्धांजलि अर्पित की।