woman dead

चार दिन पहले हुई थी मौत, संदेहस्पद अवस्था में मिली कासिरा जंगल में मृत अविवाहिता कि लाश

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Rohit Kumar Mishra

रोहित कुमार मिश्रा

चाईबासा (जगन्नाथपुर)। माघे पर्व मनाने कि तैयारी को लेकर कासिरा गांव कि महिलाओं नें जब जगंल गई पता चुनने के लिए तो अचानक जंगल में एक गड्डे नुमा नाली में एक महिला की लाश देखी तो महिलाओं नें आकर गांव में हो हल्ला करना शुरू किया।

ज्ञात हो कि प्रखंड मुख्यालय के कासिरा पंचायत के कासिरा जंगल में मिली एक अज्ञात महिला कि लाश को लेकर ग्रामीणों के बीच हाई तौबा मच गई। बाद में ग्रामीणों नें जब लाश को देखा तो पता चला कि चमरा सुण्डी कि बहन है। लेकिन अब तक हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। वहीं जब जगन्नाथपुर पुलिस को सुचना मिलते ही मामले की छानबीन के लिए घटना स्थल पर पुलिस पहुंच गई।

वहीं ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार कासिरा पंचायत के अधिनस्थ पड़ने वाली कडीगुडीया गांव के चमरा सुण्डी कि बहन के रूप में पहचान कि गई है और बताया गया कि गत चार पांच दिन पूर्व चमरा सुण्डी कि बहन कि मौत मृगी बिमारी के सदमें के चपेट में आ जाने से हो गई थी। सुण्डी नें मृत बहन का शव को दफनाने के लिए अपने ही गांव में चाहा था लेकिन ग्रामीणों द्वारा दफनाने के लिए नहीं दिया गया।

ग्रामीणों के अनुसार लाश को दफनाने नहीं दिए जाने के कारण लाश को कासिरा जंगल में देव केराई के जमीन पर ही दफनाया गया। जबकी देव केराई द्वारा कहा गया कि हमारे जमीन पर अब तक तीन लाश दफनाई गई है, जबकि मृतकों का खुद का जमीन काफी है। वहीं ग्रामीणों को संदेह इस बात को लेकर हो रही है कि काडीगुडीया गांव जंगल से तीन किमी दूर है और इतना दुर में लाश दफनाया गया। यह किसी के द्वारा हत्या करने के बाद ही अज्ञात अपराधियों ने शव को आनन-फानन में फेक कर चला गया है।

जबकि लाश के पास कुदाली, गैंता और लाठी पड़ा हुआ था। यदी चमरा सुण्डी का बहन है तो वह अपना जमीन पर लाश को क्यों नहीं दफनाया। खैर मामला जो भी हो अब तो पुलिस जांच के बाद ही मामले कि खुलाशा होगी कि हत्या है या बिमारी से मौत हुई है।

वहीं देव केराई का कहना है कि चार वर्ष पूर्व माटागुट्टु कि एक महिला कि हत्या कर लाश को दफना दिया गया था इस तरह तीन घटना घट चुकी है। इस मौजा के मानकी मुण्डा इस मामले को लेकर गंभीर नहीं है।