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राष्ट्रीय कृषि आयात निर्यात परिषद के नाम पर लोगों को ठगने वाले गिरोह का हुआ पर्दाफाश

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Sanjeev Dubey

संजीव दुबे

दिल्ली। बेरोजगारों को नौकरी के नाम पर ठगना अब आम बात हो गयी है। देश और प्रदेश में ऐसे कई गिरोह है जो सरकारी नौकरियों के नाम पर सीधे साधे बेरोजगार लोगों को ठगते रहते है। ऐसा ही उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में संचालित होने वाली संस्था राष्ट्रीय कृषि आयात निर्यात परिषद के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का मामला चर्चा में आया है। जहां बेरोजगारों से सरकारी नौकरी के नाम पर करोड़ों रुपये लेकर गिरोह के लोग फरार हो गए। जिसके चलते ठगे गए दर्जनों लोग परेशान और बेचैन थाने का चक्कर काट रहे थे।

मिली जानकारी के मुताबिक मेमर्स- कम्बोज इंटरप्राइजेज एस सी ओ -84 बी ,सेक्टर- 58 मेन रोड शाही माजरा इंडस्ट्रियल एरिया फेज-5 मोहाली चंडीगढ़ के संचालक राजकुमार और राजू यादव वाराणसी यूपी, अजय गौतम सिद्धार्थ नगर यूपी, राकेश कुमार सिंह ताज गंज आगरा यूपी एक साथ मिलकर प्लेसमेंट एजेंसी द्वारा नौकरी के नाम पर झांसा देकर ठगी का काम करते है। जिसका खुलासा राष्ट्रीय कृषि आयात निर्यात परिषद के नाम पर ठगी करने के बाद हुआ है।

बताया जा रहा है कि इस गिरोह के ठगी का तार उत्तर प्रदेश के साथ साथ बिहार, हरियाणा, मध्यप्रदेश, दिल्ली ,पंजाब,चंडीगढ़ और उत्तराखंड तक जुड़े हुए है, जो अपने दलालों के माध्यम से बेरोजगार लोगों को नौकरी का झांसा देकर ठगने का काम करते है। यह गिरोह रेलवे, सचिवालय, एफसीआई, पुलिस और तमाम विभागों में सरकारी नौकरी के नाम पर झांसा देकर धन उगाही करता है। इस गिरोह के सदस्यों और कम्बोज इंटरप्राइजेज के नाम पर कई प्रदेशों में 419, 420, 467, 468, 471, 120 बी के तहत दर्जनों मुकदमे दर्ज है।

इस ठगी और गिरोह के संबंध में राष्ट्रीय कृषि आयात निर्यात परिषद के अध्यक्ष काशीनाथ तिवारी ने बताया है कि हमारे द्वारा उक्त लोगों व गिरोह के खिलाफ नामजद रिपोर्ट थाने में दे दी गयी है। कानून अपना काम करेगा और संस्था के नाम पर किसी भी तरह की धनउगाही की जानकारी मिलने पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी। लोग बिना जानकारी के किसी भी प्रकार के नौकरी के लिए बहकावे में आकर किसी भी प्रकार का लेन देन करे और ऐसे लोगों और गिरोह से बच के रहे।