गौरी शंकर सिंह हत्या को लेकर होगा बड़ा आन्दोलन

gauri shankar murder
Janmanchnews.com
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बांका: जिस पुलिस को समाज में रक्षा करने की दृष्टि से देखा जाता है उसी को मार दिया जाता है। यह घटना जिला मुख्यालय से सटे किशनपुर गाँव निवासी गौरी शंकर सिंह की हत्या विगत दिन कर दी गई। मालूम हो कि क्राइम शाखा में प्रतिनियुक्त गौरी शंकर सिंह हत्या का मामला दिन व दिन वृहत रूप ले रहा है। आमलोगों के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दल गौरी शंकर सिंह के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए सड़क पर उतरकर आंदोलन कर रहे हैं।

बताते चलें कि गौरी शंकर की मौत बेगूसराय जेल में हो गई थीं। वे बिहार पुलिस मे सेवारत थे जिनकी पोस्टिंग बेगूसराय में सिपाही के रूप में था। ज्ञात हो कि घर के परिजनों ने आरोप लगाया है कि गौरी शंकर की हत्या विभाग के वरीय अधिकारी के मिलीभगत से किया गया है। परिवार के लोगों ने सीधा आरोप वहां के डी एस पी दिनेश कुमार पर लगाया है।

गत दिनों अररिया उपचुनाव के दौरान ही डी एस पी दिनेश कुमार और सिपाही गौरी शंकर सिंह के बीच किसी बात को लेकर आपस में कहा सुनी भी हुई थीं, और भला बुरा भी कहा। जिसके विरोध करने पर डी एस पी ने सब के सामने गौरी शंकर सिंह को थप्पड़ जड़ दिया। इसी को विरोध में गौरी शंकर ने हवाई फायरिंग की और अपने आप गोली मारने की कोशिश भी की।

बताते चलें कि डी एस पी दिनेश कुमार ने गौरी शंकर सिंह पर आरोप लगाया कि ये मुझ पर गोलियां चलाई है। और उसके बाद गौरी शंकर को हिरासत में ले लिया गया।

परिवारों नें आरोप लगाया कि जेल में ही गौरी शंकर सिंह को सभी वरीय पदाधिकारी मिलकर हत्या की हैं। यहां तक कि उसे खाना तक नहीं दिया गया और भूखे प्यासे रखकर खूब पिटाई की गई है। घर के परिजनों ने यह भी बताया कि हम लोग को 15 दिनो तक मिलनें नहीं दिया गया और मौत होने के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट को भी डाक्टर से मिलकर बदल दिया गया। साथ ही हास्पीटल में भी हमलोगों के साथ दुर्व्यवहार किया गया है।

ज्ञात हो कि बांका जिला से रंजन सिंह राजपूत ने ही गौरी शंकर सिंह की लड़ाई को आगे बढ़ाया जो आज सभी युवा, शिक्षक, समाजसेवी, अधिकारी से लेकर तमाम राजनीतिक दल गौरी शंकर सिंह को न्याय दिलाने को लेकर प्रयास किया जा रहा है।

गुरुवार को बांका के सभी संगठन ने मिलकर नीतीश कुमार व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन निकाला और शहर भर में भ्रमण कर ह्रदयस्थली गांधी चौक पर पहुंचकर पुतला फूंका। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि गौरी शंकर सिंह को न्याय दिलाने के लिए बांका के सभी संगठन संगठित हो चुका है। सरकार अपनी मनमानी रवैये छोड़े और मामले की शीघ्र उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों को सजा दिलाने का काम करें। साथ ही परिजनों को शीघ्र नौकरी दें। अगर इसमें सरकार की ओर से लापरवाही बरती गई तो वे सभी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।

वहीं बांका के सभी संगठनों ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए कहा कि दो इंजन की सरकार (एनडीए) में अफशरशाही इस कदर बढ़ ग ई है कि वरीय अपने कनीय अधिकारियों को न सिर्फ मानसिक रूप से प्रताड़ित करते है। बल्कि स्थिति यह हो गई है कि उनकी जानें भी ले लेती है। पूर्व सांसद पुतुल कुमारी सिपाही गौरी शंकर सिंह के हत्याकांड मामले की जांच को लेकर सीएम को पत्र लिखा है।

इसमें पूर्व सांसद ने कहा है कि मामले की जांच कराते हुए दोषियों को शीघ्र सजा दिलाई जाय। साथ ही सिपाही के पुत्र को नौकरी दी जाय, ताकि उन्हें न्याय मिल सके। एमएलसी मिले गौरी के परिजनों से पूर्व मंत्री सह एमएलसी डॉ. जावेद इकबाल अंसारी गुरुवार को मृतक सिपाही गौरी शंकर सिंह के परिजनों से मिले और उनके इस दुख की घड़ी में ढांढस देते हुए कहा कि उन्हें न्याय मिलेगा। इसके लिए वे राज्य सरकार से बात करेंगे। हरहाल में मामले की जांच कर दोषियों को सजा मिलेगी।

एमएलसी ने सिपाही के पुत्र से घटना की जानकारियां ली और सांत्वना दी।सभी जिलावासियों के साथ-साथ परिजनों ने एक स्वर मे मांग की है कि डीएसपी दिनेश कुमार को तुरंत ही सस्पेंड करो और मामले निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराई, जाए ताकि कोई भी घटना ईस प्रकार से न घटे और न कोई निर्दोष मारा जाए।

गौरीशंकर सिंह  के परिवार को 50लाख मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, गौरीशंकर जी के विधवा पत्नी को पेंशन और अन्याय करने वालों को सजा कठोर से कठोर सजा मिला चाहिऐ। कानूनी प्रक्रिया को रफ्तार की दिशा में कार्य हो जो प्रसाशन चुप्पी साधी बैठी है उसके उपर कारवाई हो।

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