mahadalit protest

भूमि अधिकार अभियान की गति तेज, नहीं मिली अब तक 5 डी. जमीन, जुटे हजारों की संख्या में महादलितों का सैलाब

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मुख्यमंत्री को अपनी मांगो को लेकर ज्ञापन सौपा गया लेकिन अभी तक जमीन वितरण एवं परवाना वितरण का काम शुरु नहीं किया गया…

Dharmaveer Dharma

धर्मवीर धर्मा रिपोर्ट…

गया। आज सूबे के गांधी मैदान में भूमि अधिकार अभियान को लेकर राज्य स्तरीय भूमिहीन वंचित महादिलत सम्मेलन का आयोजन किया गया। वहीं मौके पर कुन्दन मेहतर ने कहा की अगर वंचितो के चहुंमुखी विकास के लिए इनके राजनैतिक अधिकार के लिए लड़ना बगावत है तो मैं बागी हूँ।

इस अभियान का उद्देश्य है भूमिहीन वंचित महादलितों को आवास हेतु 5 डी. जमीन दिलाना, वासीगत पर्चा दिलाना एवं पर्चाधारियों को उनका हक अधिकार दिलाना। संगठन द्वारा मगध प्रमण्डल के लगभग 50 प्रखण्डों में जन सभा के माध्यम से अंचलाधिकारी एवं जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया एवं दो-दो बार पटना में धरना देकर मुख्यमंत्री को अपनी मांगो को लेकर ज्ञापन सौपा गया लेकिन अभी तक जमीन वितरण एवं परवाना वितरण का काम शुरु नहीं किया गया।

यह अभियान संगठन द्वारा 11 मई 2018 से बोधगया से दलित/महादलित जागरुकता रथ निकाला गया था जो पूरे बिहार में घुमने के बाद आज गया में परिणत हुआ।

वहीं संगठन की मांग है कि आरक्षण सहित शैक्षणिक, समाजिक, आर्थिक और राजनीति में भागीदारी कि लड़ाई ही वंचितो कि आवाज है मेहत्तर, डोम, रजवार, नट, हाडी, हेला, मुसहर, धांगड़ आदि जातियों को राजनीतिक आरक्षण का लाभ प्रतिनिधित्व के रूप में क्यों नहीं मिलता है? क्या राजनैतिक आरक्षण कि श्रेणी इन्हें स्वर्ण माना गया है?

प्रतिनिधित्व से वंचित समाज को राजनीतिक प्रतिनिधित्व कब तक मिलेगा। सरकारी घोषणाओं का लाभ हमारे समाज को मिलने में देरी क्यों
सफाई मजदूरों को सरकारी स्तर पर नियमित बहाली कयों नहीं? हमारे सुरक्षा के लिए सशक्त कानून कब तक बनेगा?