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सड़क मार्ग के निर्माण को लेकर हटाया गया अतिक्रमण, गरीब हुआ बेघर 

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पूंजीपतियों द्वारा अतिक्रमण किऐ गऐ सर्वे सड़क मार्ग पर आज भी खड़ी है ईमारतें… 

रघुनंदन कुमार मेहता की कलम से,
गिरिडीह। वर्षों से अतिक्रमण की जद में समाया द्वारपहरी करमाटांड भाया पेशम सड़क मार्ग की पथ निर्माण विभाग द्वारा स्वीकृती मिलते हीं सड़क मार्ग का निर्माण कार्य आरम्भ कर दिया गया। इधर कार्य एजेन्सी द्वारा निर्माण कार्य आरम्भ करते हुए द्वारपहरी में शुक्रवार को  अतिक्रमण हटाया गया। जिससे कई गरीबों के भी अशियाने अतिक्रमण में रोडा बनकर सामने आया जिसे काफी बल पूर्वक पडरमनियां पंचायत के मुखिया कैलाश प्रसाद मंडल के पहल पर अतिक्रमण हटाया गया।

मालूम हो कि लम्बे समय से यह सड़क मार्ग अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा था। विशेष कर बरसात आरम्भ होते हीं यह सड़क मार्ग पूरी तरह किचड़ में लथ पथ हो जाता था। सड़क मार्ग निर्माण की स्वीकृती मिलते हीं जहां द्वारपहरी के आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में खुशी का माहौल उत्पन हो गया था।

वहीं द्वारपहरी के व्यवसायीयों को यह लग रहा था की सरकार द्वारा सर्वे खतियान में दर्ज सडक मार्ग को अतिक्रमण मुक्त करा कर सड़क मार्ग का निर्माण कराया जाएगा। जिससे गरीबों का अशियाना भी बच जाऐगा और सड़क मार्ग का निर्माण भी हो जाऐगा। लेकिन अचानक कार्य एजेन्सी द्वारा मशीन लगाकर अतिक्रमण हटाना आरम्भ किया गया तो विरोध का सामना करना पड़ा लेकिन गरीबों की एक नहीं चली।

लोगों को यह भी कहते सुना गया की गरीबों का कहीं कोई सुनने वाला नहीं होता हैं सर्वे सड़क मार्ग का अतिक्रमण सभी पूंजीपतियों द्वारा किया गया है। वहाँ से अतिक्रमण नहीं हटाया क्योंकि उसके पास धन बल है। हम गरीबों के पास तो कुछ नहीं है हमलोग ज्यादा देर तक पूंजीपतियों के सामने टीक नहीं सकते हैं। सर्वे सड़क मार्ग से अतिक्रमण हटाने के लिए अंचल कार्यालय बिरनी द्वारा लगभग छः माह तीस से बतीस लोगों को नोटीस भी मिला था लेकिन पूंजीपतियों द्वारा अंचल कार्यालय के पदाधिकारी व कर्मचारीयों से सांठ-गाँठ कर मामले को दबा दिया गया था। जिसका परिणाम है कि आजा हमलोगों के मकान को अतिक्रमण का नाम देकर हटाया जा रहा है।