शर्मनाक

शर्मनाक: युवती के साथ साल भर पहले किया गैंगरेप और बना लिया वीडियो, शादी होने पर अश्लील वीडियो भेज दिया पति को

3

वीडियो देखने पर शादी के दूसरे ही दिन पति नें घर से निकाला; पुलिस नें गैंगरेप के मामले में ही कार्यावाही की होती तो आज यह नौबत नही आती, युवती नें एसपी से इंसाफ की गुहार लगाई है…

Shabab Khan

शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

 

 

 

 

 

 

आज़मगढ़: यूपी के आजमगढ़ जिले से ऐसी घटना सामने आई है, जिसे सुनकर आपको भी इंसानियत के गिरते स्तर पर चिंता होने लगेगी। दरअसल, एक युवती के साथ गांव के ही युवकों ने साल भर पहले गैंगरेप किया और वीडियो बनाया। युवती की शादी अभी बीते हफ्ते हुई। अभी उसकी शादी को दिन ही हुये थे कि दुष्कर्म करने वाले युवकों ने वीडियो उसके पति के मोबाइल पर भेज दिया। वीडियो सामने आने के बाद पति ने उस पीड़िता को घर से निकाल दिया। पीड़िता न्याय की गुहार लगाने एसपी कार्यालय पहुंची थी।

पीड़िता का आरोप है कि 2017 में उसके साथ गांव के ही तीन युवकों ने दुष्कर्म किया था। मुकदमा भी गंभीरपुर थाने में दर्ज कराया गया था। मेडिकल मुआयना से लेकर उसका बयान भी दर्ज कराया गया, लेकिन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।

दुष्कर्म के दौरान ही युवकों ने वीडियो भी बना लिया था। वीडियो के आधार पर वे उस पर कहीं और शादी न करने का दबाव भी बनाते रहते थे। इसके बाद भी परिजनों ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी। बीते 26 अप्रैल को उसका ब्याह मेंहनगर थाना क्षेत्र में हुआ।

विवाह के बाद वह विदा होकर पति के साथ ससुराल पहुंची। अभी उसकी शादी को दो दिन पूरे भी नही हुये थे कि दुष्कर्म करने वाले युवकों ने वीडियो उसके पति के मोबाइल पर भेज दिया। फिर क्या था दुष्कर्म की पूर्व में शिकार हुई युवती को पति ने भी ठुकरा दिया और उसे उसके मायके भेज दिया।

पीड़िता ने गंभीरपुर थाना पुलिस पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न करने का आरोप लगाया और न्याय दिलाने की मांग की। पीड़िता का कहना था कि अब जब जिंदगी बर्बाद हो ही गई है तो जिम्मेदार युवकों को जेल भिजवाकर रहुँगी, यदि अब भी न्याय नहीं मिला तो आत्महत्या के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा।

सीओ सदर मो० अकमल खां का कहना है कि पूर्व में दुष्कर्म का मुकदमा थाने पर दर्ज हुआ है, जिसकी विवेचना चल रही है। अब वीडियो वायरल करने का मामला प्रकाश में आया है तो इसकी भी जांच करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का विवेचक को निर्देश दे दिया गया है। सीओ का बयान भी बेहद बचकाना लगता है, पहले से गैंगरेप के आरोपियों को एक साल से खुला छोड़ रखा है, जब वीडियो सामने आया है तो दुष्कर्म की बात तो अपने आप साबित हो जाती है। इस स्थिति में जाँच का झुनझुना थमाकर सीओ साहब पीड़िता को क्या मैसेज देना चाहते है हमारी समझ से परे है। हालांकि उन्होने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करनें और पीड़िता को न्याय दिलाया जाने की बात भी कही है।

इसके अलावा क्या आज़मगढ़ एसपी या सीओ को पीड़िता के पति को बुलाकर समझाना नही चाहिए कि ऐसा किसी के साथ भी हो सकता है, इसमें युवती का क्या दोष? शायद पीड़िता का पति समझ जाये और पीड़िता का वैवाहिक जीवन बच जाये।