आख़िर कौन है वो शख्स जो सात समंदर पार बैठ कर देवरिया की देवभूमि पर विकास की गंगा बहाने के लिए कर रहा है भागीरथ प्रयास…जानिए कौन है वो कर्मयोगी?

File Photo: रविकान्त तिवारी- सदस्य, खाद्य वितरण एवं उपभोक्ता मामले, भारत सरकार
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— देवरिया को “पॉलिटिकल टूरिज्म” से बचाना होगा: रविकान्त तिवारी 

Priyesh Kumar "Prince"
प्रियेश कुमार “प्रिंस”
गोरखपुर (देवरिया)। वैसे तो उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल का हिस्सा विकास के मामले में बहुत ही पिछड़ा हुआ माना जाता है। इसके पिछड़ापन के बहुत से कारण जिम्मेदार है लेकिन राजनैतिक अदूरदर्शिता मुख्य रूप से बाधा बनी हुई है। जिस कारण आम आदमी प्राथमिकताओं से दूर बस वोट बैंक बन कर रह गया है। और समस्याएं जस की तस सुरसा की तरह खड़ी है।

File Photo: सलाहकार सदस्य उपभोक्ता मामले व खाद्य वितरण मंत्रालय भारत सरकार रविकांत तिवारी
जनमंच टीम ने विकास की संभावनाओं को लेकर  एक विशेष पड़ताल की जिसमें पूर्वांचल के देवरिया लोकसभा क्षेत्र का दौरा कर बारीकियों से राजनैतिक प्रभाव के चलते विकास की राह में पैदा हो रही बाधाओं पर समीक्षा की। जिसमें पाया कि तमाम राजनैतिक पार्टियों के शासन सत्ता काल मे लोक सभा क्षेत्र देवरिया “पॉलिटिकल टुरिज्म” से आगे नही बढ़ सका है। जो भी सरकारें आयी सिर्फ वोट सहेजने के अलावा कुछ न कर सकी। जिसका आलम यह है कि तमाम बड़े नामचीन लोगो को संसद भेजने के वावजूद भी देवरिया विकास के मामले में ऊसर साबित होता गया। अपनी सरकार और सत्ता का हनक बनाये रखने के लिए सांसदों ने कुछ कागजी योजनाओं को शिलान्यास और उदघाटन का अमली जामा पहनाकर वाहवाहियां लूटते रहे और आम आदमी को वादों की घुट्टी पिलाते रहे।

वर्तमान सरकार में भी देवरिया और यहाँ की जनता छली जा रही है। आज तक रोज़गार परक योजनाएं व कार्यक्रम धरातल पर नही दिख रहे है। घोषणाओं के बाद भी विकास कागजो में सिमट कर रह गया है। यहां का युवा पलायन करने को मजबूर है। किसानों की हालत बाद से बदतर हो गयी है। और सरकार के प्रतिनिधियों के पास झाड़ू लगाने के अलावा कोई विकास का एजेंडा नहीं रह गया है।

Ravikant tiwari
File Photo: भारत सरकार के सलाहकार सदस्य रविकान्त तिवारी

इन हालातों और निराशाओं के वावजूद सात समंदर पार बैठे एक ईमानदार कर्मयोगी ने देवरिया में विकास की सम्भावनाओं को उस समय उम्मीद की रोशनी से भर दिया,उसने कहाँ की देवरिया में विकास की असीमित संभावनाएं है। जिसका आकलन कर लिया गया है। अब देवरिया में टॉप के मॉडल स्कूल भी होंगे और प्रोफेशनल इंस्टिट्यूट भी होंगे। युवाओं को रोजगार देकर पलायन रोकने की अमेरिकन तकनीकी को अपनाया जाएगा। देवरिया को अब विकास के पंख लगने वाले है। अगर यह सम्भावनाएं मूर्तरूप लेती है तो इसका श्रेय भारत सरकार में खाद्य वितरण व उपभोक्ता मामले में सदस्य रविकान्त तिवारी को जाता है।

भारत सरकार के खाद्य वितरण व उपभोक्ता मामले में सदस्य रविकान्त ने देवरिया में विकास की असीमित सम्भावनाओं को खोजा व तलाशा है। जिसे लेकर रविकान्त काफी उत्साहित भी है। देवरिया में विकास की गति को तेज करने में लगे रविकान्त से जब इनके प्लान के बारे में पूछा गया तो, बड़े ही साफगोई से जबाब देते हुए कहते है कि किसी भी विकास मॉडल को अपनाने से पहले राजनैतिक सोच को दूर रखना पड़ेगा।राजनीतिक स्वार्थ से विकास प्रभावित और संकुचित हो जाता है। इस लिए आम आदमी की जरूरत और बाजार के हिसाब से ही रोजगार के अवसर निकालने होंगे।

Ravikant Tiwari
File Photo: रविकान्त तिवारी- सदस्य, खाद्य वितरण एवं उपभोक्ता मामले, भारत सरकार

हमें देवरिया को पोलिटिकल टूरिज्म से बचाना होगा, तभी जा कर हम स्वस्थ विकास कर पाएंगे। रविकान्त आगे बताते हुए कहते है कि देवरिया का विकास सिर्फ सरकारी योजनाओं से नही हो सकता, इसके लिए ख़ुद की पूंजी और मेहनत लगानी पड़ेगी। जरूरत पड़ी तो मैं देवरिया में आईटी सेक्टर को अमेरिका से उतारूंगा।

Ravikant tiwari
File Photo: गरीबों को भोजन कराते रविकांत

बताते चले कि भारतीय मूल के रविकान्त अमेरिका के भी निवासी है जहां इन्होंने आईटी कंपनियों का जाल बिछा रखा है। दिल्ली में भी इनकी एक आईटी कम्पनी युवाओं को रोजगार उपलब्ध करा रही है। रविकान्त का लक्ष्य है कि विकास की सम्भावनाओं से भरे देवरिया में उद्योग व स्वरोजगार पैदा कर हजारों बेरोजगार नौजवानों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करा सकूं।

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