illegal building

आधारशिला के सात वर्ष बाद भी नहीं हो सका मॉडल विधालय का भवन निर्माण कार्य पूर्ण

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Raghunandan Mehta

रघुनंदन कुमार मेहता

गिरिडीह। राज्य सरकार गैर सरकारी विधालयों की तरह ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को सरकारी विधालय में अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रखंडों में मॉडल विधालय की स्थापना तो कर दी गयी है। लेकिन कई प्रखंडो में मॉडल विधालय के संचालन के लिए अब तक विधालय का अपना भवन नहीं बन पाया है। और जहाँ विधालय का भवन निर्माण कार्य आरम्भ किया गया। वहाँ निर्माण कार्य को अधर में छोड़ दिया गया है।

जिससे गाँवों के ग्रामीणों में तरह तरह के सवाल उठने लगा है। सवाल उठना भी लाजीम की बात है क्योंकि राज्य सरकार द्वारा द्वारपहरी में मॉडल विधालय के भवन निर्माण के लिए लगभग सात वर्ष पूर्व राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर विद्यालय भवन के लिए आधारशिला रखी गयी थी। जिसका निर्माण कार्य 2017 में आरम्भ भी किया गया था। जिससे क्षेत्र के शिक्षा प्रेमियों में एक उम्मीद जगी थी कि चलो आखिरकर छः वर्ष के बाद हीं सही लेकिन निर्माण कार्य आरम्भ कर दिया गया।

लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि संवेदक द्वारा निर्माण कार्य को बीच में बंद कर दिया गया। क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा बताया जाता है कि विधालय भवन का निर्माण कार्य आरम्भ होने से लगा था की एक से दो वर्षों में भवन का निर्माण कार्य पूर्ण कर दिया जाएगा। लेकिन अब लगता है कि जिस तरह से भवन का निर्माण कार्य आरम्भ होने में छः वर्ष लग गया।

उसी तरह मंडल विधालय का भवन निर्माण कार्य पूर्ण होने में लगभग दस वर्ष लग जाऐगा। उसपर भी बनेगा या नहीं यह कहना मुश्किल की बात है। एक तरफ राज्य सरकार राज्य में गुणवता पूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की बात करती है तो दूसरी ओर राज्य सरकार विद्यालय का भवन निर्माण कार्य को पूर्ण कराने में फिस्सडी साबित हो रहा है।