लक्ष्मी कमल पर नहीं उल्लू पर आती है, स्मृति ईरानी को समझा रहे है लोग

Smirti irani
Janmanchnews.com
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Pankaj Pandey
पंकज पाण्डेय

गुजरात। गुजरात विधानसभा चुनाव के के प्रथम चरण का मतदान के लिए बस कुछ दिन शेष बचे है। ऐसे में चुनाव प्रचार में एक दूसरे को पछाड़ सत्ता पर काबिज होने के लिए पक्ष-विपक्ष कमर कसे हुए है। दोनों ओर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। कभी सत्ताधारी दल अपने किसी बात से विपक्ष को मौका दे रहा है तो कभी विपक्ष सत्‍ताधारी दल को।

सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी का प्रचार करने रविवार को सूरत पहुंची केंद्रीय मंत्री स्‍मृति ईरानी कुछ ऐसा बोल गई जिसकी वजह से वह ट्रोल हो रही है। यहां एक चुनावी सभा में उन्‍होंने कहा क‍ि गुजरात के विधानसभा चुनाव सिर्फ बीजेपी के लिए नहीं, ”बल्कि हर उस गुजराती के लिए जिसे कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी और उनके दोस्‍त, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने उत्‍तर प्रदेश में ‘गधा’ कहा था।”

केंद्रीय मंत्री ने राजग सरकार द्वारा लिए गए फैसले गिनाते हुए कहा कि पहले बैंक के दरवाजे गरीबों के लिए बंद रहते थे, अब वे उनके दरवाजे पर जाकर जन धन खाते खुलवा रहे हैं। ईरानी ने कहा कि ऐसा केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्‍ता में आने के बाद संभव हुआ है।

राज्‍य में 9 और 14 दिसंबर को चुनाव होने हैं, जबकि नतीजे 18 दिसंबर को आएंगे। इसी रैली में स्‍मृति ईरानी ने हिन्‍दू धर्मग्रंथों में धन की देवी ‘लक्ष्‍मी’ का जिक्र करते हुए कहा कि “लक्ष्‍मी आती है तो हाथ पकड़कर नहीं, कमल पर बैठकर आती हैं।”

स्‍मृति का तंज कांग्रेस की ओर था जिसका चुनाव चिन्‍ह ‘पंजा’ है। हालांकि उनके इस कमेंट को लोगों ने नकार दिया। वरिष्‍ठ पत्रकार मृणाल पांडे ने स्‍मृति की ‘जानकारी’ दुरुस्‍त करते हुए कहा, “लक्ष्मी कमल पर नहीं, उल्लू पर चढ कर आती हैं। उलूकवाहिनी के कई चित्र व शिल्प भी मिल जाएंगे। कमल उनका आसन है, वाहन नहीं।”

बहुत से यूजर्स ने स्‍मृति ईरानी की बुद्धिमत्‍ता पर सवाल खड़े करते हुए उन्‍हें ट्रोल किया। आशुतोष कुमार ने कहा, “येल से डिग्रीधारी महोदया अगर हाथ रहेगा तभी लक्ष्मी माता आती है। बैठे-बैठे आप पैसे कमा सकती पर आम जनता नहीं।” मनोज कुमार ने कहा, ”जनता को किस बुद्धि-दर्जे का समझा है ऐसी बात करने के लिए।

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