GST कॉउंसिल ने की रोजमर्रा की वस्तुओं को 18 फ़ीसदी स्लैब में

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Janmanchnews.com
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Pankaj Pandey
पंकज पाण्डेय

गुवाहाटी: जीएसटी लागू होने के बाद से ही जरूरी उपयोग की वस्तुओं पर ज्यादा टैक्स वसूलने को लेकर आलोचना झेल रही सरकार गुवाहाटी में दो दिन से चल रही जीएसटी काउंसिल की मीटिंग के बाद 28 फीसदी स्लैब में आने वाली 177 वस्तुओं पर जीएसटी दर घटाते हुए 18 फीसदी के स्लैब में ले आई है।

अब केवल 50 लग्जरी आइट्म को ही 28 फीसदी के दर में रखा है। इस हिसाब से करीब 177 वस्तुएं अब सिर्फ 18 फीसदी स्लैब वाला टैक्स लगेगा, जिनमें कई घरेलू वस्तुएं शैंपू, फर्नीचर, स्विच, प्लास्टिक पाइप जैसे आइट्म शामिल हैं।

जीएसटी नेटवर्क समिति के अध्यक्ष व बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बताया कि अब केवल 50 सामान ही 28 फीसदी टैक्स के दायरे में रह गए हैं, जिनमें से ज्यादातर लग्जरी सामान हैं। बाकी सभी 177 आइट्म को 18 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में रखा गया है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की मीटिंग चल रही है। यह मीटिंग असम के गुवाहाटी में हो रही है। जीएसटी काउंसिल की बैठक में 28 फीसदी जीएसटी दायरे में 80 वस्तुओं की जगह अब सिर्फ 50 आइटम ही शेष बचेंगे।

जीएसटी काउंसिल ने आफ्टर शेव, शैम्पू, साबुन, डिटर्जेंट मार्बल, ग्रेनाइट, रिस्ट वाच, स्किन केयर, डियोड्रेंट, कैमरे, वॉलेट, शॉपिंग बैग, सूटकेस, च्युइंगम, चॉकलेट ऑफ्टर शेव, चॉकलेट्स जैसे आइटम्स को 28 प्रतिशत के दायरे से घटा कर 18 प्रतिशत के दायरे में ला दिया है।

जीएसटी की तकनीक संबंधी गतिविधियों को मॉनिटर करने के लिए एक ग्रुप बनाया गया था।इस ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स में 5 सदस्य हैं, जिसके प्रमुख सुशील कुमार मोदी हैं। साथ ही उम्मीद यह भी है कि बैठक में वित्त मंत्री जीएसटी दरों की खामियो के साथ ही आसान रिटर्न फाइलिंग और स्मॉल एंड मिडियम एंटरप्राइजेज को राहत देने का ऐलान करेंगे।

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