चपरासी की नौकरी के लिए इंजीनियर, एमबीए और यहां तक कि पीएचडी डिग्रीधारी ने दिया आवेदन

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Sarvesh Tyagi
सर्वेश त्यागी

ग्वालियर। पीएम नरेंद्र मोदी ने राजनैतिक मंचों से बेरोजगारी को कम करने के लिए कई कसिदें पढ़ चुके हो…लेकिन बेरोजगारी का आलम आप इससे समझ सकते है कि जब ग्वालियर की जिला कोर्ट में चपरासी के 57 पदों के लिए 60 हजार आवेदन पहुंचते हैं। हैरत करने वाली बात ये है कि चपरासी की नौकरी के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार इंजीनियर, एमबीए और यहां तक कि पीएचडी डिग्रीधारी है। ऐसे में समझना होगा आखिर देश बेरोजगारी के मामले में कहा खड़ा हुआ है।

जी हां मध्यप्रदेश में युवाओं की बेरोजगारी को देख इस बार जजों का सिर चकरा रहा है। दरअसल, ग्वालियर जिला कोर्ट में चपरासी जैसे छोटे पद के लिए मात्र साढ़े सात हजार रुपये मानदेय वाले पद के पाने के लिए…. इंजीनियर, एमबीए और यहां तक कि पीएचडी डिग्रीधारी ने आवेदन डाला हैं। इन आवेदनों को देखकर जिला कोर्ट प्रशासन भी पसीना-पसीना हो रहा है। क्योंकि चपरासी पद के लिए शैक्षणिक योग्यता 8वीं पास रखी गई है। इसलिए सभी को स्क्रीनिंग और पर्सनल इंटरव्यू के लिए जज के सामने से गुजरना होगा जो एक बड़ी चुनौती है।

जिला कोर्ट के अभियोजना अधिकारी जगदीश शर्मा का कहना है कि चतुर्थ कर्मचारियों की भर्ती की जा रही है। 57 पदों के लिए 60 हजार आवेदकों ने एप्लाई किया है। नौकरी के लिए शैक्षणिक योग्यता 8वीं पास रखी गई है। लेकिन इस नौकरी को पाने के लिए अनिल कुमार जैसे जो कि बीएससी बॉयोटेक कर चुके है वे भी इस नौकरी के लिए आवेदन कर चुके है।

ये जिला कोर्ट में चपरासी की नौकरी हासिल करने के लिए… भिंड से ग्वालियर आने को तैयार है। साथ ही चपरासी की नौकरी के लिए बकायदा ऑनलाइन आवेदन भी कर चुके है। अनिल के हिसाब से बेरोजगार होने से बेहतर है कोर्ट में साहब के फरमान सुना जाएं… क्योंकि बेरोजगार का तान सुनन उन्हें अब अच्छा नही लगता है….।

ऐसे समझें……..

57 पदों के लिए 60 हजार आवेदन पहुंचे।

चपरासी पद पर भर्ती होने वाले युवकों को कलेक्टर गाइडलाइन के हिसाब से वेतन मिलेगा।

14 जजों का इंटरव्यू बोर्ड होगा ।

2857 आवेदकों की स्क्रीनिंग प्रत्येक जज को औसतन करनी होगी।

204 औसत आवेदक हर दिन एक जज के सामने से गुजरेगा।

1.2 करोड़ रुपये सिर्फ आवेदन फीस के रूप में ही कोर्ट को मिले हैं।

इतनी बड़ी चयन प्रक्रिया से निपटने के लिए ग्वालियर जिला कोर्ट ने 14 जजों की कमेटी गठित की है। 28 जनवरी से उम्मीदवार की स्क्रीनिंग (अनुवीक्षण) होगी। इस दौरान उम्मीदवार को मूल दस्तावेज और अपने फोटो के साथ जज के सामने उपस्थित होना होगा। स्क्रीनिंग की मेरिट के बाद सेकेंड राउंड में साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। स्क्रीनिंग और साक्षात्कार में मिले अंकों को जोड़कर मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी।

इसी के आधार पर ज्वाइनिंग कराई जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया 18 फरवरी तक चलेगी। इस खबर के बाद ये समझना होग। बेरोजगारी के मुद्दे को उठाकर सियासी लोग केवल और केवल अपनी नयैया पार लगाने की जुगात में रहते हैं।

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