अमेरिकी दबाव में हाफ़िज सईद की जमात-उद-दावा को पाक ने किया ब्लैकलिस्टेड

HafizSaeed
On American pressure Pakistan Internal Ministry blacklisted Hafiz Saeed's Jamat-ud-Daawa(JuD)...
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ट्रंप प्रशासन द्वारा पाकिस्तान को मिलने वाली पर्याप्त मात्रा में सैन्य सहायता पर रोक लगाने के एक दिन बाद पाक नें उठाया कदम…

Shabab Khan
शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

 

 

 

 

 

नई दिल्ली: आतंकवादी संगठनों पर प्रहार करने के लिए ट्रम्प प्रशासन से बढ़ते दबाव के बीच, पाकिस्तान के आंतरिक मंत्रालय ने शनिवार को 26/11 के मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के संगठन जमात-उद-दावा (JuD) और कई अन्य आतंकवादी संगठनों को ब्लैकलिस्ट कर दिया।अफगान-तालिबान और हक्कानी नेटवर्क के आतंकवादी समूहों पर दबाव डालने और उनके सुरक्षित ठिकानों को खत्म करने में विफल रहने के कारण अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को दी जाने वाली 2 अरब डॉलर की सुरक्षा सहायता को निलंबित करने के एक दिन बाद यह कदम सामने आया है।

उल्लेखनीय है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 1 जनवरी को पाकिस्तान पर अमेरिका को पिछले 15 सालों में 33 अरब डॉलर के बदले सिर्फ “झूठ और धोखे” के सिवा और कुछ नही देने तथा आतंकवादियों को “सुरक्षित आश्रय” प्रदान करने का आरोप लगाया था। अमेरिकी धमकी और उसके विश्वास को वापस जीतने के दबाव में पलटी मारते हुये पाकिस्तानी सरकार के आंतरिक मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में सार्वजनिक रूप से 72 समूहों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा कर दी।

पाकिस्तान द्वारा ब्लैकलिस्ट किये गये संगठनों में जमात-उद-दावा (JuD) के एक सहायक संगठन ‘फ़लाह-ए-इंसानियत’ फाउंडेशन (FIF) भी शामिल है।

पाकिस्तान ने ब्लैकलिस्टेड संगठनों को किसी भी प्रकार की वित्तीय सहायता को भी अवरुद्ध कर दिया है। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि ब्लैकलिस्टेड संगठनों तो किसी भी तरह की आर्थिक या अन्य किसी भी प्रकार की सहायता प्रदान करना एक दंडनीय अपराध होगा।पाकिस्तान द्वारा प्रतिबंधित संगठनों की सूची में जमात-उद-दावा (JuD) और फ़लाह-ए-इंसानियत (FiF) के अतिरिक्त लश्कर-ए-जांघवी (LeJ), सिपाह-ए-मोहम्मद पाकिस्तान (SMP), जैश-ए-मोहम्मद (JeM), लश्कर-ए-तोएबा (LeT), तहरीक-ए-इस्लामी, इस्लामिक जेहाद यूनियन (IJU), 313 ब्रिगेड आदि मुख्य आंतकवादी संगठन शामिल है।

इस महीने की शुरुआत में, पाकिस्तान के वित्तीय नियामक निकाय ने सईद के संगठनों को चंदा लेने से प्रतिबंधित कर दिया था। पिछले साल जनवरी में पाकिस्तान सरकार ने जमात-उद-दावा के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी, जिसमें सईद को उसके घर में नज़रबंद कर रखा था। हालांकि, लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख सईद को नवंबर 2017 में रिलीज कर दिया गया था, क्योंकि लाहौर हाई कोर्ट ने नज़रबंद कर रखनें की अवधि का विस्तार करने से इन्कार कर दिया था।

अपनी रिहाई के बाद आतंकवादी सईद ने राजनीति में प्रवेश करने की घोषणा की और कहा था कि वह पाकिस्तान के 2018 के आम चुनाव में हिस्सा लेगा। हाफिज सईद के इस बयान पर अमेरिकी कूटनीतिज्ञों नें कड़ा ऐतराज जताया था और पाक को ऐसा नही होने देने को चेताया था, उन्होने कहा था कि हाफिज एक दुर्दांत आंतकवादी है जिसके सिर पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा ईनाम घोषित है।

shabab@janmanchnews.com

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