आंधी-तूफान में आम की फसल को भारी नुकसान, संकट में किसान

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Rahul Yadav
राहुल यादव

रायबरेली। उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक रविवार को आई तेज आंधी बारिश और ओलावृष्टि से 50 लोगों की मौत हो गई। 109 किमी प्रति घण्टा की रफ्तार धूल भरी आंधी चली। रायबरेली भी में रविवार शाम करीब पांच बजे आंधी-तूफान के साथ ओलावृष्टि हुई। चने और बेर के आकार से बड़े ओले करीब एक घंटे तक गिरे। इसके साथ ही बारिश भी हुई। अचानक हुए इस मौसम परिवर्तन से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच गई। क्योंकि कई किसानों की कटी फसल खेतों कटी पड़ी थी।

वहीं दूसरी तरफ आम की खेती करने वाले किसानों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। रविवार को आई तेज आंधी ने आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। आम के पेड़ भी आंधी में धराशाही हो गए है। 

कुछ किसानों का मुख्य व्यवसाय आम है जिस पर अपने पूरे साल के घर खर्च के लिए निर्भर रहते हैं। इस आंधी ने बागवानों की तो जैसे कमर ही तोड़ दी है। आंधी से बागों में लगे सभी पेड़ झकझोर उठे हैं। पूरे उम्मेद पोस्ट देदौर गांव के बागवान शिव शंकर (63 वर्षीय) बताते हैं, “पास तीन बीघा आम की बाग हैं। इसमें जितनी भी फसल आयी थी।

तेज आंधी से बाग में पूरी आम की फसल बर्बाद हो गयी, सारे आम जमीन पर गिर गए हैं। वहीं 5 आम के पेंड टूटकर गिर गये हैं।” उनका परिवार भुखमरी की कगार है। शिव शंकर कहना है कि आम उत्पादन हमारा मुख्य व्यवसाय है। प्रदेश सरकार को इसमें हुए भारी नुकसान की ओर ध्यान देना चाहिए जिससे कुछ राहत मिल सके।

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