हाईकोर्ट

गंगा पाथवे के लिए काशी विश्वनाथ परिक्षेत्र में आने वाले एक मकान को गिराने पर हाईकोर्ट की रोक

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जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस उमेश चंद्र त्रिपाठी की खंडपीठ के इस निर्देश से क्षेत्र के किरायेदार कारोबारियों को मिली बड़ी राहत…

Shabab Khan

शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

 

 

 

 

 

 

इलाहाबाद: वाराणसी के बहु-विवादित श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर परियोजना से जुड़े एक मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यथास्थिति बनाये रखने का आदेश दिया है। साथ ही कोर्ट ने प्रदेश सरकार और मंदिर प्रशासन से तीन सप्ताह के भीतर पूरे मामले पर जवाब तलब कर लिया है।

याचिकाकर्ता मुन्नी तिवारी और अन्य की ओर से मन्दिर और जिला प्रशासन पर आरोप लगाया गया था कि कॉरिडोर में पड़ने वाले मकानों को खरीदकर लोगों को जबरन बेदखल किया जा रहा है।

जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस उमेश चंद्र त्रिपाठी की खंडपीठ ने इस मामले में राज्य सरकार द्वारा खरीदे गए मकान की यथास्थिति कायम रखने का निर्देश दिया है और राज्य सरकार व मंदिर के अधिशाषी अधिकारी से याचिका पर जवाब मांगा है।

अब याचिका पर अगली सुनवाई जुलाई के दूसरे हफ्ते में होगी…

याची का कहना है कि वह विवादित भवन की पुरानी किरायेदार है। मकान राज्य सरकार ने खरीद लिया है और उसे जबरन बेदखल किया जा रहा है। याची ने आपत्ति जतायी कि बिना क़ानूनी प्रक्रिया अपनाये किरायेदार को बेदखल नही किया जा सकता। 4 मंजिले मकान को मंदिर प्रशासन ध्वस्त करने जा रहा है।

बता दें कि ऐसे ही एक मामले में कोर्ट ने पहले ही जवाब मांगते हुए यथास्थिति का आदेश दिया है। सरकार का कहना था कि ऐसी ही याचिका कोर्ट पहले ही ख़ारिज कर चुकी हैं। कोर्ट ने इस तर्क को नही माना और दोनों याचिकाओं को एक साथ पेश करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तिथि तक उक्त चार मंजिला मकान की यथास्थिति कायम रखने का आदेश दिया है।