जय श्रीराम

हिंदुत्व आंतकियों ने अल्पसंख्यक समुदाय के बूढ़े-अंधे भिखारी दंपति को ‘जय श्री राम’ कहने को किया मजबूर

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कोलकाता की घटना; वीडियो हुआ वायरल, मुस्लिम समुदाय के बूढ़े और अंधे पति-पत्नी भीख मांगनें पहुँच गये थे हिंदु बाहुल्य क्षेत्र में; क्या कार्यावाही करेगीं ममता बनर्जी…

Shabab Khan

शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

कोलकाता। हिंदु धर्म की सारी मर्यादा को लांघते हुये कोलकाता में हिंदुत्व आंतकियों के द्वारा अंधे भिखारी दंपति को ‘जय श्री राम’ का जप करने के लिए मजबूर किये जाने की खबर है, माहौल में जहर घोलने वाली इस घटना का एक वीडियो भी वॉयरल हुआ है।

एक बुजुर्ग मुस्लिम भिखारी दंपति को परेशान करने का वीडियो सोशल मीडिया नेटवर्क पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। बंगाल से अपलोड किये गये वीडियो में, बुजुर्ग दंपति अबुल बशर(67) और उनकी पत्नी बेदाणा बीबी(61) दोनो अंधे हैं, हिंदुत्व आंतकियों से वह उन्हे छोड़ देने की मिन्नते करते हैं। वे हाथ जोड़कर मिन्नते करते हुए देखे जा सकते हैं, वे बता रहे है कि वो दोनो नेत्रहीन और विकलांग हैं, लेकिन हिंदुत्व गुंडों ने उनकी एक नहीं सुनी।

Watch Video: क्या थी पूरी घटना…

अबुल बशर के हाथ में उन्होने एक भगवा झंडी थमा दी जिसपर “ओम” लिखा हुआ था। बशर से जबरदस्ती ‘जय श्री राम’ और ‘जय माँ तारा’ का जप करने को कहा जा रहा था। बशर ने हमे बताया कि “मेरी ही गलती थी कि मैं एक मुस्लिम हूं और मैंने हिंदू-प्रधान क्षेत्र में प्रवेश किया।”

बशर ने आगे कहा कि “हम बीरभूम और बर्दवान में विभिन्न स्थानों पर जाते हैं। आज अंडाल में, कुछ लोग आए और मेरी टोपी छीन ली। उन्होंने कहा कि वे हमें मार देंगे क्योंकि हम मुसलमान हैं और एक हिंदू-प्रधान क्षेत्र में प्रवेश किया है। फिर उन्होंने मुझे और मेरी पत्नी को मारना शुरू कर दिया। मेरी पत्नी ने मेरी जिंदगी के लिए विनती की और कहा कि अगर वे हमें जाने दें तो हम इस क्षेत्र में कभी नहीं आएंगे। लेकिन उन्होंने नहीं सुनी।

हिंदुत्व आंतकियों द्वारा दंपति से बार-बार “जय श्रीराम व जय मां तारा” कहने के लिये जबरदस्ती की गई और जब दंपति नें खुद को नेत्रहीन बताया तो वीडियो में सुना जा सकता है कि एक आंतकी गुस्से में कह रहा है कि “जय श्रीराम” कहने के लिए आंखों की नही मुंह की जरूरत होती है।

आंतकियों का गुस्सा भांपकर और मारपीट बर्दाश्त करने के बाद अतत: बशर को “जय श्रीराम और जय मां तारा” कहना पड़ा जिसके बाद हिंदु धर्म जैसे पुराने मजहब को बदनाम करने वाले नापुंसक आंतकी जो बुजुर्ग गरीब अंधे और भिखारी को परेशान करके अपनेआप को सूरमा समझ रहे थे उन्होने दंपति को धक्का देकर भगा दिया।

धर्म की नगरी बनारस की गली-मुहल्लों और चाय-पान की अड़ियों पर हिंदुओं द्वारा इस कायरतापूर्ण हरकत को अंजाम देने वालों को ठेठ बनारसी गालियों से नवाजा जा रहा है।