इमरान खान

पाकिस्तानी चुनाव: क्रिकेटर से राजनीतिज्ञ बनें इमरान खान के कदम प्रधानमंत्री पद की ओर

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आतंकी हाफिज सईद को इस चुनाव में करारी हार झेलनी पड़ी। हाफिज के बेटे और दामाद भी चुनाव हारे। पिछली बार के मुकाबले इस बार चुनाव परिणाम आने में देरी।

पाकिस्तान आम चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पूरी रात सड़कों पर आकर जश्न मनाया और आतिशबाजी की…

Shabab Khan

शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

 

 

 

 

 

 

इस्लामाबाद: पाकिस्तान में नेशनल असेम्बली की 272 सीटों और चार प्रांतों पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा की प्रांतीय विधानसभाओं की कुल 577 सीटों के लिए मतदान हुआ। इन चुनावों में क्रिकेटर से राजनीति में आए इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ को साफतौर पर बढ़त मिलती हुई दिखाई दे रही है। जबकि, इस चुनाव में बिलावल भुट्टो की पीपीपी को भी कई जगहों पर बढ़त मिलती हुई दिखाई दे रही है।

बता दें कि नेशनल असेम्बली और चार प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों को चुनने के लिये करीब 10.6 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं। पाकिस्तान निर्वाचन आयोग के अनुसार, नेशनल असेम्बली की 272 सीटों के लिये 3,459 उम्मीदवार अपनी राजनीतिक किस्मत आजमा रहे हैं जबकि पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों की विधानसभाओं की 577 सीटों के लिए 8,396 उम्मीदवार मैदान में हैं। चुनावों में 30 से ज्यादा राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं।

देशभर में बनाए गए 85,000 से ज्यादा मतदान केन्द्रों पर मतदान स्थानीय समयानुसार सुबह आठ बजे शुरू हुआ। उत्साही मतदाता अपने-अपने मतदान केंद्रों के बाहर सुबह सात बजे से ही कतारों में लगने लगे। शाम चार बजे मतदान बंद होने के साथ ही सभी केन्द्रों पर वोटों की गिनती शुरू हो गई और 24 घंटे के भीतर चुनाव परिणाम की घोषणा कर दी जाएगी. पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने रावलपिंडी में मतदान किया।

उधर, चुनाव में पिछड़ने के बाद नवाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग- (नवाज) ने मतगणना में बड़ी धांधली का आरोप लगाया है। हालांकि, पाकिस्तान चुनाव आयोग ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि तकनीकी कारणों के चलते परिणाम आने में देरी हो रही है। लेकिन, धांधली को लेकर जो भी आरोप लगे हैं वो सारे निराधार हैं। वहीं चुनाव आयोग ने बैलेट के उल्लंघन मामले में इमरान खान को तलब किया है। मतदान के दौरान कई जगहों पर हिंसा की घटनाएं हुईं। किसी भी दल को बहुमत न मिलने पर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी किंगमेकर की भूमिका निभा सकते हैं।

इस चुनाव में भारत में मोस्ट वॉटेड और 26/11 मुंबई हमलो का मास्टरमाइंड हाफिज सईद भी उम्मीदवार था। उसे लगा कि पाकिस्तानी जनता उसके आंतकी कारनामों से खुश है और उसकी राजनीति में दाखिले की ख्वाहिश पूरी होगी। लेकिन ऐसा नही हुआ, सबसे पहले जिन उम्मीदवारों की हार की खबरें पहले आयीं उनमें हाफिज सईद का नाम भी शामिल था। पाकिस्तानी जनता नें साफतौर पर सईद को नकार दिया।

अब तक का परिणाम:

अभी तक कुल 30 फीसदी वोटों की काउंटिंग हुई है। चुनाव आयोग के मुताबिक, इसमें इरमान खान की पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) पार्टी 272 सीटों में से 119 पर बढ़त बनाए हुए है।

नवाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) 56 सीटों पर आगे चल रहे हैं जबकि दो बार प्रधानमंत्री रह चुकीं बेनजीर भुट्टो के बेटे की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) इस चुनाव में 39 सीटों पर आगे चल रही है।

इमरान खान कैम्प को इस चुनाव में जीत का भरोसा है। हालांकि, नेशनल एसेंबली में जरूरी 137 सीटों से अभी वह दूर दिख रही है। ऐसे मे सवाल यह उठता है कि सरकार बनाने के लिए छोटी पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवारों का सहारा लेना पड़ सकता है।

चुनाव में खासकर जिन दो पार्टियों के बीच रेस थी वो हैं- पूर्व क्रिकेटर इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पार्टी और और जेल में बंद पूर्व क्रिकेटर नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज।

संसद के निचली सदन की 272 सीटों के लिए चुनाव में 30 राजनीतिक पार्टियों ने अपने उम्मीदवार उतारे थे। जबकि, 8,396 उम्मीदवारों ने चार प्रांतीय चुनाव0 पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वाह में अपनी किस्मत आजमायी है। करीब 10.6 करोड़ वोटर रजिस्टर्ड हैं।