CBSE paper leak

सीबीएसई पेपर लीक मामले में देशभर में बवाल, जावड़ेकर के घर के बाहर धारा 144 लागू

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नई दिल्‍ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 10वीं के गणित व 12वीं के अर्थशास्त्र के पेपर लीक होने के मामले चारों ओर से विरोध प्रदर्शन का सामना कर रहा है। कई शहरों में पेपर लीक मामले को लेकर सीबीएसई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहा है। इधर कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने भी इस मामले में मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की, जिसके बाद इस मुद्दे पर राजनीति गरमा गई है।

सीबीएसई पेपर लीक के खिलाफ लुधियाना, कानुपर और दिल्‍ली में छात्र और अभिभावक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इन छात्रों ने चेयरमैन के इस्तीफे की मांग के साथ कहा है कि सीबीएसई की गलती की सजा सभी छात्रों को नहीं मिलनी चाहिए। कुछ छात्रों का कहना है कि जिस राज्‍य में पेपर लीक हुआ, वहीं पर फिर से परीक्षा होनी चाहिए। लगभग सभी छात्र पेपर लीक के लिए सीबीएसई को जिम्‍मेदार ठहरा रहे हैं। कुछ छात्र केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के घर के बाहर भी विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे। इसके बाद दिल्ली में प्रकाश जावड़ेकर के घर के पास धारा 144 लागू कर दी गई है।

शुक्रवार को सुबह कांग्रेस पार्टी का स्टूडेंट्स विंग एनएसयूआइ भी छात्रों के साथ मार्च में शामिल हुआ। कांग्रेस पार्टी सरकार पर और ज्यादा हमलावर हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा है। उन्होंने लिखा, ‘प्रधानमंत्री ने एग्जाम वॉरियर्स किताब लिखी, जो परीक्षा के दौरान छात्रों का तनाव दूर करने के लिए है। अब उन्हें एग्जाम वॉरियर्स 2 लिखनी चाहिए, जिसे पेपर्स लीक होने के कारण तबाह हुई स्टूडेंट्स और पैरंट्स की जिंदगियों के बाद उनके तनाव को दूर करने के लिए पढ़ाया जाए।’

कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यह एचआरडी मिनिस्ट्री की विफलता है, 28 लाख स्टूडेंट्स का भविष्य दांव पर है। हम इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे। वहीं कपिल सिब्‍बल ने कहा कि सीबीएसई पेपर लीक अकेला पेपर लीक का मामला नहीं है। एसएससी पेपर घोटाला भी बड़ी चिंता का विषय है। अगर इसके लिए सरकार की जवाबदेही नहीं है, तो फिर किसकी है।

कांग्रेस के साथ इस मुद्दे पर राज ठाकरे ने भी सरकार घेरा। उन्‍होंने कहा कि यह सरकार की असफलता है, इस बात को स्‍वीकार करने की बजाए क्‍यों वे चाहते हैं कि छात्र फिर से एग्‍जाम दें। मेरी अभिभावकों से अपील है कि अपने बच्‍चों को फिर से एग्‍जाम देने के लिए ना भेजें।

वैसे बता दें कि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 10 से ज्यादा वॉट्सऐप ग्रुप्स की पहचान की, इनमें से हर ग्रुप में 50-60 सदस्य हैं। इन लोगों से जांच और पूछताछ जारी है। इससे पहले क्राइम ब्रांच की एसआइटी ने गुरुवार को 18 छात्र समेत कुल 34 लोगों से पूछताछ की। इनमें 11 विभिन्न स्कूलों के छात्र, सात विभिन्न कॉलेजों के छात्र, पांच ट्यूटर व दो अन्य लोग शामिल हैं। ट्यूटर में एक महिला भी शामिल है, जिसका लाजपत नगर में कोचिंग सेंटर है। एसआइटी ने बुधवार रात दिल्ली-एनसीआर में करीब 10 जगहों पर छापेमारी की। जिन 34 लोगों से पूछताछ की गई है उन्होंने कबूल किया कि 10वीं के गणित व 12वीं के अर्थशास्त्र के पेपर, परीक्षा शुरू होने से 24 घंटे पहले लीक हो गए थे। असली पेपर देखकर पहले हाथ से सादे कागजों पर प्रश्नों को लिखा गया, फिर उसकी तस्वीरें वाट्सएप के जरिये बांटी गईं। 24 घंटे पहले पेपर मिलने से छात्र-छात्राओं को प्रश्नों की तैयारी करने का काफी समय मिल गया।

विशेष आयुक्त क्राइम ब्रांच आरपी उपाध्याय के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर उनसे फिर पूछताछ की जाएगी। पूछताछ के दौरान उनके मोबाइल नंबर व अन्य जरूरी जानकारियां ले ली गई हैं। बता दें कि सीबीएसई के क्षेत्रीय निदेशक की शिकायत पर दो मुकदमे दर्ज करने के बाद एसआइटी ने बुधवार रात से ही जांच शुरू कर दी थी और पेपर लीक से जुड़े सुबूत आरोपित कहीं मिटा न दें, इसलिए गुरुवार सुबह होते ही एसआइटी ने कार्रवाई तेज कर दी। सीबीएसई ने एक एफआइआर 27 मार्च व दूसरी 28 मार्च को दर्ज कराई थी। एसआइटी पता लगा रही है कि छात्र-छात्राओं के वाट्सएप पर किसने प्रश्नपत्र भेजे थे। साथ ही मुख्य आरोपित व उसके स्त्रोत के बारे में पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पूछताछ में कुछ छात्रों ने दोस्तों के जरिये पेपर मिलने की बात कही है। पेपर लीक के संभावित ठिकानों की पहचान की गई है, उनमें से कुछ जगहों की सीसीटीवी फुटेज भी जब्त की गई है।

एसआइटी में शामिल अधिकारी का कहना है कि सीबीएसई ने लिखित शिकायत में ओल्ड राजेंद्र नगर में पिछले दस सालों से कोचिंग सेंटर चलाने वाले विक्की पर शक जताया था। लिहाजा उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वह विद्या कोचिंग सेंटर का मालिक है और सेंटर में 10वीं व 12वीं के छात्रों को गणित व अर्थशास्त्र पढ़ाता है। उसने 1996 में डीयू से बीकॉम किया है। विक्की के अलावा हिरासत में लिए गए अन्य लोगों व उनसे जब्त दस्तावेजों के संबंध में आधिकारिक जानकारी नहीं दी जा रही है। एसआइटी ने सीबीएसई से कई जानकारी मांगी है। मसलन, परीक्षा केंद्रों व छात्रों तक पेपर पहुंचाने का तरीका क्या है? सुरक्षा के लिए किस तरह की सावधानियां बरती जाती हैं? पेपर किन-किन प्रिटिंग प्रेस से छपवाए गए?

By Tilak Raj