क्षेत्र पंचायत द्वारा बनी पानी टंकी सिर्फ सरकार पैसों का दुरपयोग, कौन करेगा इसकी भरपाई

टंकी
Incomplete overhead water tank has been shown operational on paper in department's file...
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कागज़ों में पानी की टंकी बनकर तैयार है और संचालित भी की जा रही है जबकि सच्चाई यह है कि टैंक पूरी तरह से बना ही नहीं है…

–दीपू तिवारी


सोनभद्र (दुद्धी): विकास खण्ड दुद्धी के ग्राम पंचायत महुली में बनी पानी टंकी अपने अस्तित्व में आने से पूर्व ही समाप्ति की ओर चली जा रही है। संबंधित कार्यदायी संस्था क्षेत्र पंचायत द्वारा अपने अभिलेखों में निर्माण कार्य पूरा दिखा रहा है। जबकि स्थिति विपरीत है। दुद्धी विकास खण्ड के महुली में पेयजल समस्या से छुटकारा दिलाने के मद्देनजर लगभग 13 लाख रुपये की लागत से एक पानी टंकी का निर्माण कराया गया था तथा पानी के लिए बोरिंग भी कराया गया था, परन्तु आज तक उक्त पानी टंकी से पानी मिलना तो दूर आज तक टंकी का निर्माण कार्य भी पूरा नहीं हो सका है। जानकारी के अनुसार उक्त कार्य 2010-11 में 12-13 वित्त से लिया गया है।

क्षेत्र पंचायत द्वारा कराया गया इस कार्य पर लगभग 13 लाख रुपये खर्च किया जा चुका है पानी टंकी को सिर्फ खड़ा कर दिया गया है तथा बोर भी कूड़ा कचरा से ढक चूका है जिसके कारण सैकड़ो लोगो को पानी आपूर्ति हेतु सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

घनी आबादी को देखते हुए पेयजल की समस्या से निजात दिलाने के लिए बनी पानी टंकी सिर्फ शो पीस बनकर रह गयी है। इस प्रकरण में शिकायत जिलाधिकारी व खण्ड विकास अधिकारी से की गई थी। जिसकी जांच 27 अप्रैल को मौके पर उपस्थित ग्राम वासियो के समक्ष सहायक विकास सकारिता एवं अवर अभियंता लघु सिचाई संयुक्त द्वारा रूप से कराया गया उसके पश्चात शिकायत कर्ता के शिकायत के निस्तारण में यह बताया गया की यह कार्य क्षेत्र पंचायत द्वारा कराया गया है जो की अभिलेखों में कार्य पूर्ण दिखाया गया है। जबकि मौके की स्थिति विपरीत है। यह कार्य १३ लाख रुपये से हुआ है।

यह कार्य २०११-१२ से बंद है यह कार्य तत्काल पूर्ण कराना संभव नही है। आख्या से असंतुष्ट महिला सुरक्षा एवं जन सेवा ट्रस्ट की अध्यक्ष सावित्री देवी ने इस प्रकरण में मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन,प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास विभाग, पीएमओ कार्यालय, जिलाधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी दुद्धी को शिकायती पत्र भेजा जिसमे मांग की गई कि तत्काल फर्जी अभिलेखों में कार्य पूर्ण दिखाने वाले दोषी अधिकारियों, कार्यदायी संस्था पर विभागीय कार्यवाही हो व उसकी रिकवरी हो साथ ही तत्काल ग्रामीणों की सुविधा को देखते हुये पानी टंकी को संचालित कराया जाय।

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