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इटली की दंपति ने अनाथ बच्ची को लिया गोद, बनाया अपनी बेटी

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Sarfaraz Alam

मोहम्मद सरफ़राज़ आलम

सहरसा। अनाथ बच्ची को  जब मां बाप का प्यार मिलता है तो, उनके जीवन में नया सवेरा हो जाता हैं। बीते दो दिनों से सहरसा में रह रहे इटली के दंपति के साथ अनाथ रीना रह रही थी। ऐसे में मात्र दो दिनों में ही 6 वर्षीय रीना के अपनेपन से जहां उसे माता पिता का सुख मिला।

वहीं इटली की दंपती भी काफी खुश दिखी। जिसके बाद उन्होंने रीना को गोद लेने में कोई कोताही नहीं बरती। अब वे जल्द से जल्द रीना को लेकर अपने घर इटली जाना चाह रहे थे। जिसकी पूरी प्रक्रिया सोमवार को खत्म हुई। फिर स्थानीय कोशी चौक स्थित दस्तक ग्रहण केंद्र से उसे  गोद देकर परिवार मुहैया कराया है। 

सहरसा स्थित दस्तक गृह की यह छठी बच्ची है। जिसे विदेश से आए दंपतियों ने माता-पिता होने का सम्मान प्रदान किया है। इससे पूर्व यूएसए, बेल्जियम, स्पेन और माल्टा से आए दंपतियों द्वारा पांच बच्चे को गोद लिया गया था।

जिसकी कड़ी में आज छोटी बच्ची रीना को माता-पिता का गोद मिला है। हालांकि कानूनी प्रक्रिया दो महीने पूर्व से की जा रही थी। जिसके बाद सारी कानूनी प्रक्रिया किए जाने के बाद सोमवार को दत्तक गृह से बच्ची को उनके परिवार को सुपुर्द किया गया। 

इटली से पहुंचे चेकेटो ऑस्कर एवं उनकी पत्नी डार्सी रोसाना जो एक मल्टीनेशनल कंपनी हावाजीट में सेक्रेटरी के पद पर नियुक्त हैं। उन्होंने बच्ची को गोद लिया है। बच्ची को गोद लेने की प्रक्रिया में सहरसा व्यवहार न्यायालय में वकालत कर रहे एडवोकेट डॉ. एस पी सुमन ने उनकी काफी मदद प्रदान की है।

वहीं वे इटालियन भाषा में ही बात कर रहे थे। जिसके लिए उन्होंने मुंबई से ट्रांसलेटर सचिन को साथ में लेकर सहरसा पहुंचे थे। बच्ची को गोद मिलते ही दत्तक गृह में काफी खुश दिखी गई। सभी ने उन्होंने बताया कि अब तक 6 बच्ची को विदेशों में अपना घर नसीब हुआ है।

इससे पूर्व यूएसए में दो बच्चों को भेजा गया था एवं स्पेन माल्टा बेल्जियम में एक एक बच्ची को नया घर अपना या अपना घर नसीब हो चुका है। इटली से पहुंचे दंपति को रीना सुपुर्द की गई है। रीना बीते 2015 से मुजफ्फरपुर दस्तक गिरी से सहरसा 10 तक पहुंची थी, जहां हुए लगातार 3 वर्षों में सभी का मन मोह लिया था।

वहीं अब रीना को अपने माता पिता के रूप में बेल्जियम से पहुंचे परिजन मिल चुके हैं, सहरसा कि इससे इस तरह अनाथ बच्ची को गोद देने से उन्हें जहां नया घर मिलता है। वहीं उनके जीवन में नया सवेरा भी होता है।