बिजली की छूट योजना का फायदा उठा रहे कटियाधारी

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Rambihari pandey
रामबिहारी पांडेय
सीधी। शासन ने मजदूरों, श्रमिकों और बीपीएल कार्ड धारकों के लिए बिजली बिल माफ करने की योजना क्या बनाई और इधर बिजली चोरों के मजे हो गए। बिजली कंपनी का पूरा ध्यान इसी योजना पर है और बिजली चोरी पकड़ने की कार्रवाई लगभग बंद हो गई।

करीब चार महीने पहले तक जहां हर रोज बीस से तीस प्रकरण बनाए जाते थे। तो योजना लागू होने के बाद जुलाई और अगस्त में इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई और न के बराबर प्रकरण बने। अधिकारी भी मान रहे हैं कि एक ओर बिल माफ हो रहे हैं और दूसरी तरफ कार्रवाई से कोई विवाद न हो इसलिए कार्रवाई रोक दी गई है।

व्यवस्थित बिजली प्रदाय के बाद कंपनी चोरी पकड़ने की कार्रवाई को ही प्राथमिकता मानती हैं। लेकिन करीब चार महीने से इसकी कोई कोशिश नहीं की जा रही है। सरकार ने बकाया बिजली बिल माफ करने के साथ ही असंगठित मजदूरों, बीपीएल कार्ड धारकों केलिए मासिक 200 रुपए बिजली बिल की सुविधा शुरू कर दी और इसके लागू होने के बाद से कंपनी ने वसूली संबंधी गतिविधियां रोक दी हैं।

ताकि सरकार के विरुद्ध कोई कार्रवाई न हो और विवादों से बचा जा सका। हर महीने बनाए जाते थे प्रकरण, बिजली चोरों को पकड़ने के लिए बिजली कंपनी द्वारा हर रोज किसी न किसी फीडर में कार्रवाई होती थी। तो 20 से 30 प्रकरण रोज बनाए जाते थे। इस तरह महीने भर में हजार से ज्यादा बिजली चोरों पर कार्रवाई होती थी।

इससे औसतन एक माह में 50 से 60 लाख रुपए की चालानी कार्रवाई होती थी। बिजली चोरों को सबक सिखाने के साथ ही इससे कंपनी की आय भी होती थी। लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा। योजना के तहत् पात्र लोगों को तो लाभ दिया ही जा रहा है। लेकिन दूसरे बिजली चोरों को भी अप्रत्यक्ष रूप से इसका मिल रहा है।

असल में कंपनी अधिकारी उन विवादों से भी डर रहे हैं जो कार्रवाई के दौरान हो सकते हैं। माना जा रहा है कि अगर बिजली कंपनी ने कार्रवाई की तो पार्टी-पॉलीटिक्स के चलते विरोध हो सकता है और इसका असर बिजली कंपनी की सुविधा पर भी पड़ेगा। 

धरे रह गए जांच अभियान 2017-18 और इस वित्तीय वर्ष में बिजली कंपनी ने बिजली चोरी रोकने के लिए कई कवायदें की हैं। इनमें हर जोन में अलग जांच टीम बनाने से लेकर अभियान चलाने तक की कोशिश शामिल है। बिजली कंपनी ने हर क्षेत्र के लिये कर्मचारियों की टीम बना रखी थी जो लगातार जांच कर रही थी।

यही नहीं रात को भी जांच की जा रही थी और बिजली तारों में हूक डालकर चोरी करने वालों पर कार्रवाई की जा रही थी। जहां रात में कार्रवाई करना संभव नहीं था। वहां बिजली चोरी होने के फोटो ले लिए जाते थे और दिन में टीम वहां पहुंचकर चालानी कार्रवाई कर रही थी। लेकिन सरकार की ओर से की गई बिल माफी के चलते सारी योजनाएं धरी की धरी रह गई।

बिजली कंपनी के अधिकारी मान रहे हैं कि इन दिनों कई क्षेत्रों में सह्रश्वलाय ठीक नहीं है। कहीं बार-बार बिजली बंद हो रही है, तो कहीं वॉल्टेज अप एंड डाउन हो रहा है। इसका बड़ा कारण यह भी है कि हजारों उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्होंने कम क्षमता का मीटर कनेक्शन ले रखा है और ज्यादा बिजली उपयोग कर रहे हैं।

इसका असर मीटर पर और फिर ट्रांसफॉर्मर पर भी पड़ता है। कभी ट्रांसफॉर्मर में परेशानी होती है, तो कभी लाइन में भी फॉल्ट हो जाता है। इस तरह की स्थितिसे निपटने के लिए बिजली कंपनी लगातार जांच करती है।

अधिकारी जांच करते हैं और नियमों के खिलाफ किए जा रहे इस उपयोग को लेकर भी कार्रवाई की जाती है। चालानी कार्रवाई होती है और फिर ज्यादा क्षमता वाला मीटर लगाया जाता है। लेकिन दो महीनों से यह कार्रवाई भी नहीं हो रही जिससे लोड कम नहीं हो पा रहा और ग्राहकों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

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