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किशोरी का अपहरण, पुलिस ने पीड़ित को भगाया थाने से, मीडिया में मामला आने पर दर्ज हुआ मामला

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Mithiliesh Pathak

मिथिलेश पाठक

श्रावस्ती। नारी को हमारे देश में दुर्गा का रूप दिया गया है। सरकार भी महिलाओं और बेटियों की पुख्ता सुरक्षा किये जाने की बात कह रही है। लेकिन धरातल पर ऐसा कुछ नजर नही आ रहा है। क्या हमारे देश की महिलाएं और बेटियां सुरक्षित हैं, क्या सरकार द्वारा महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा हो रही है, इस बात में कितना दम है।

क्या वाकई में हमारे देश में नारियां महफूज है। लेकिन जमीन पर ऐसा कुछ नही है। सरकार के सारे दावे फेल हैं। यदि देखा जाय तो यूपी में इस समय महिलाएं और बेटियां अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहीं है। जिसने सरकार पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।

विडियो देखें…

https://www.youtube.com/watch?v=I44VyymY7w0&feature=youtu.be

प्रदेश में किस तरह महिलाओं और बेटियो की सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया है। किस तरह हमारी बहन बेटियां सुरक्षित हैं, आपको बताएंगे श्रावस्ती की कुछ तस्वीरें। जो अपने आप मे बयां कर रही कि किस तरह योगी सरकार में बेटियां सुरक्षित है। आज हम आपको बताएंगे कि सूबे की भगवा सरकार में श्रावस्ती पुलिस की कारस्तानी की एक दास्तान। जिले में एक पीड़ित दम्पत्ति को पुलिस ने उस समय थाने से भगा दिया जब पीड़ित दम्पत्ति अपने लाडली बिटिया को दबंगो से छुड़ाने के लिए गुहार लेकर थाने पहुँचे थे। जिनकी लाडली बिटिया एक सप्ताह से गायब है। दंपती ने  अपने बेटी को भट्टे पर काम कर रहे तीन चार लोगों पर अगवा करने का आरोप लगाया है। लेकिन पुलिस ने पीड़ित दम्पति की फरियाद को अनसुना करते हुए उसे थाने से ही भगा दिया।

पूरा मामला 7 अप्रैल का है। गोंडा जिले के निवासी गिलौला थाना छेत्र के भौंसायें भट्ठे पर मजदूरी करने का काम करते हैं जिसमें एक परिवार राम प्रसाद का भी रहता है। जिस परिवार में 13 वर्षीय बेटी पूजा भी रहती थी। आरोप है कि भट्टे पर ही काम कर रहे कुछ लोगों ने उसे उस वक़्त अगवा कर लिया जब परिवार के माँ बाप गिलौला बाजार में खरीददारी करने गए हुए थे।

जब पीड़ित दम्पत्ति पुलिस के पास गुहार लेकर पहुँची, तो गिलौला पुलिस ने पीड़िता की बातें सुनने के बजाय उसे थाने से ही भगा दिया, जब कि पीड़ित नाम सहित जगह भी बता रहा कि मेरी बिटिया को यहां रखा गया है। 11 दिन गुजर जाने के बाद भी पुलिस के कान में जूँ नही रेंग रही, जांच की तो बात ही छोड़ दीजीये। वहीं पीड़ित परिजनों ने आरोपियों से मिलीभगत का आरोप भी लगाया है, जिनसे लेंन देन कर पुलिस मामले को ठंडे बस्ते में डालना चाहती है।

जब यह मामला मीडिया में आया तो पुलिस ने आनन फानन मामला दर्ज करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ़्तार कर, किशोरी की तलाश तेज़ कर दी है।