सेंगर

उन्नाव गैंगरेप मामले में भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर और सहयोगियों की मुसीबतें और बढ़ीं

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सीबीआई की जांच में विधायक सहित कई और के नाम हुए उजागर…

–आशीष चौहान

उन्नाव: उत्तर प्रदेश के उन्नाव गैंगरेप मामले में सीबीआई की जांच में कुलदीप सेंगर के कई और सहयोगियों के नाम उजागर हुए हैं। इसके बाद से केंद्रीय जांच एजेंसी ने भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के सहयोगियों से पूछताछ और मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। इसके बाद से अब भाजपा विधायक और उनके सहयोगियों की मुश्किल बढ़ गई हैं। सीबीआई जिन लोगों से पूछताछ कर रही है और करेगी इसमें कई आईपीएस अधिकारी भी शामिल हैं।

कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार 30 मई को हाईकोर्ट में स्टेट्स रिपोर्ट पेश करने की समय सीमा तय होने के बाद से सीबीआई इस मामले में दर्ज मुकदमों में अधिक से अधिक तथ्य जुटाने की कोशिश कर रही है। इसी कड़ी में जांच एजेंसी ने पीड़ित लड़की के चाचा से जून 2017 से अब तक के घटनाक्रमों की लिखित जानकारी मांगी है।

बताया जा रहा है कि सीबीआई विधायक सेंगर के अन्य सहयोगियों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी। इससे पहले मामले में सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने उन्नाव की पूर्व पुलिस अधीक्षक पुष्पांजलि देवी से छह घंटे पूछताछ की। इस दौरान पुष्पांजलि ने बताया कि उनको मामले की पूरी जानकारी नहीं थी। पीड़ित लड़की के पिता के खिलाफ लिखा-पढ़ी करने के बाद थानाध्यक्ष ने पुलिस अधीक्षक को इसकी जानकारी दी थी। सीबीआई उन्नाव गैंगरेप में दर्ज मुकदमों के संबंध में जिले की पूर्व एसपी नेहा पांडे से भी पूछताछ करेगी। वो फिलहाल प्रतिनियुक्ति पर केंद्र में आईबी में तैनात हैं।

इससे पहले सीबीआई की जांच में सामने आया कि जिस दिन कुलदीप सेंगर के भाई अतुल सेंगर ने पीड़ित लड़की के पिता की बेरहमी से पिटाई की, उस दिन कुलदीप सेंगर दिल्ली में थे और वहीं से ही उन्होंने माखी थाने के SO को दर्जनों फोन किए थे। माखी थाने के तत्कालीन SO कामता प्रसाद सिंह के कॉल रिकॉर्ड्स से भी इस बात की पुष्टि हुई कि उस दिन कुलदीप सेंगर ने उन्हें हर आधे घंटे पर दर्जनों कॉल किए थे। इसके बाद CBI ने कुलदीप सेंगर के खिलाफ एक केस और दर्ज कर लिया।

सीबीआई पीड़ित लड़की की शिकायत पर कार्रवाई न करने और उसके पिता को झूठे केस में फंसाने के आरोप में तत्कालीन थानेदार कामता प्रसाद और सब इंस्पेक्टर अशोक सिंह भदौरिया को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पीड़ित परिवार जब पीड़िता के पिता के साथ हुई मारपीट की शिकायत करने माखी पुलिस थाने पहुंचा, तो उल्टे पुलिस अधिकारियों ने पीड़िता के पिता के खिलाफ ही आईपीसी की धाराओं 323 (मारपीट), 504 (शांति का उल्लंघन करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) और 506 (जान से मारने की धमकी देना) के तहत केस दर्ज कर लिया और गिरफ्तार कर लिया।