सड़कों पर बहती रही शराब, ललचाई नजरों से बस देखते रह गये शौकीन

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ताजनगरी आगरा में व्हिस्की और बियर की सैकड़ों बोतले टूट गयीं और लोगों की भीड़ दूर से निहारती रह गयी

Shabab Khan
शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

 

 

 

 

 

आगरा: आज अचानक लोगों नें जब सैकड़ो की संख्या में अंग्रेज़ी शराब और बियर की बोलतों को सरे बाजार टूटते देखा तो उनके कदम ठिठक गये। सब जानना चाहते थे कि आखिर ‘अंगूर की बेटी’ को खूबसूरत बोतलों से आजाद करा कर उसे सड़कों और नालियों के हवाले क्यो किया जा रहा है।

हर तरफ बोतले बिखरी पड़ी थी और पुलिस एक-एक कर उसे तोड़ रही थी। शौकीनों की निगाहें शराब पर थी और वे सड़क पर बहते शराब को बेबस निगाहों से देख रहे थे।

लोगों के मन में सवाल थे और अपनी सुविधानुसार शराब की सार्थक खपत का जवाब भी, लेकिन पुलिस से पूछने की हिम्मत किसी ने नहीं की। आलम यह था कि सड़क पर शराब बहने की खबर पर लोग मौके पर पहुंचने लगे और मामले को समझने की कोशिश में लगे रहे।

पत्रकारों द्वारा पूछने पर बताया गया कि न्यायालय के आदेश के बाद एसएसपी के निर्देश पर थानों के मालखाने में जमा पुरानी शराब नष्ट की जा रही थी। पुलिस के अनुसार सालों से रखी रहने के कारण यह शराब अब जहर बन चुकी है और इसे नष्ट किया जाना ही जरूरी था।

सीओ उदयराज सिंह ने बताया कि एसएसपी आगरा अमित पाठक के निर्देश और न्यायालय के आदेश पर वर्षों पुरानी अंग्रेजी शराब, बियर और देशी शराब को नष्ट किया जा रहा है जिसकी कीमत तकरीबन 5 लाख रुपए है।

बोतले तो टूट गयीं और पियक्कड़ों का ‘काश’ वाला सपना भी, लेकिन एक बात समझ में नही अायी कि शराब जितनी पुरानी हो उतना ही रंग दिखाती है, यहां तक की पाँच साल पुरानी शराब भी दस गुना महंगी हो जाती है और थानें में पड़ी जब्त शराब तो तकरीबन 20 से 25 वर्ष पुरानी बताई जाती है। मतलब एक व्हिस्की की बोतल कम से कम पचास हजार कीमत की तो आराम से रही होगी। यह पुरानी शराब का जहर बन जाने का फंडा हमारी समझ से बाहर की चीज है।
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