मदनपुर पुलिस ने किया मर्डर मिस्ट्री का खुलासा, मौत से उठा पर्दा, आशिक़ी में गई परमेन्द्र की जान, प्रेमिका और इसके भाई ने ही रचीं थी साज़िश

मदनपुर पुलिस
File Photo: परमिंदर हत्याकांड का खुलासा करते पुलिस अधीक्षक व थानाध्यक्ष
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हत्या आरोपी सोनू और कन्हैया गिरफ़्तार…

Priyesh Kumar "Prince"
प्रियेश कुमार “प्रिंस” की रिपोर्ट…

गोरखपुर (देवरिया)। विगत माह 17 मई को राप्ती नदी के सेमरा पुल के नीचे मिली लाश की गुत्थी को मदनपुर पुलिस नें सुलझा  दिया है। इस मर्डर मिस्ट्री का खुलासा करते हुए पुलिस नें दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

पुलिस लाइन के मनोरंजन सभागार में पुलिस अधीक्षक रोहन पी कनय नें घटना का खुलासा करते हुए पत्रकारों से वार्ता के दौरान बताया कि मृतक परविन्दर कन्नौजिया पुत्र मोतीलाल कन्नौजिया निवासी करायल शुक्ल थाना मदनपुर देवरिया का शव राप्ती नदी के सेमरा पुल के नीचे 17 मई को बरामद हुआ था।

जिसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आनें पर पता चला कि मृतक के सिर में चोट लगने के कारण हत्या हुई है। जिसके परिप्रेक्ष्य में मृतक का भाई भोलू कन्नौजिया पुत्र मोतीलाल कन्नौजिया की तहरीर व पोस्टमार्टम के आधार पर स्थानीय मदनपुर थाना में दिनांक 24 मई को मु0अ0सं0 100/2018 धारा 302, 201 भादवि पंजीकृत कराया गया।

उन्होने बताया कि मृतक जाति का कन्नौजिया हरिजन होने के कारण धारा 3/2/5 एससीएसटी एक्ट की बढ़ोत्तरी होने पर विवेचना क्षेत्राधिकारी रूद्रपुर को सुपुर्द की गयी। पुलिस की जांच मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालनें के बाद आखिरी में किये गये कॉल के मोबाइल नम्बर से हुई।

उक्त संदिग्ध मोबाइल से मृतक परविन्दर का अवैध सम्बन्ध करायल शुक्ल के ही रहने वाले मुन्ना मद्धेशिया की पुत्री शीशम मद्धेशिया से होने की पुष्टि हुई। पुलिस अधीक्षक नें बताया कि कॉल की डिटेल से पता चला कि आरोपी शीशम का पूर्व में करायल शुक्ल के ही रहने वाले बुल्लु पुत्र गुलाबी गुप्ता के साथ शादी से पहले अवैध सम्बन्ध था। शीशम की शादी हो जाने के पश्चात उसनें बुल्लु से बात करना छोड़ दिया।

बताते चलें कि मृतक परविन्दर और बुल्लु आपस में दोस्त थे। मृतक नें आरोपी शीशम से अवैध सम्बन्ध बना लिया। इसकी जानकारी जब बुल्लु को हुई तो उसनें अपनें दोस्त सोनू पुत्र गेना ठठेरा व कन्हैया पुत्र सम्हारू यादव निवासी करायल शुक्ल को बताया तथा आरोपी शीशम के भाई किशन को भी इसकी जानकारी दी कि तुम्हारी बहन परविन्दर से बात करती है। मृतक परविन्दर कन्हैया यादव के ससुराल भी जाया करता था जहां मृतक का कन्हैया की साली से भी अवैध सम्बध बना लिया।

इस बीच मृतक परविन्दर शीशम व कन्हैया की साली से मोबाइल पर निरन्तर बात किया करता था। जब यह बात कन्हैया यादव, बुल्लु तथा सोनू को मालूम हुआ तो उन्हे बुरा लगा।

मार्च में शीशम के भाई गोलू की शादी थी जिसमें शीशम का पति भी आया था। जहां उन लोगों नें उसे भी बता दिया कि शीशम परविन्दर से बात करती है। इस दौरान शादी के बाद शीशम अपनें पति के साथ पश्चिम बंगाल चली गई। लेकिन मृतक परविन्दर नें शीशम से बात करना जारी रखा। इधर परविन्दर को रास्ते से हटानें के लिए कन्हैया यादव, बुल्लु व सोनू नें शीशम के भाई किशन को झांसे में लेकर शीशम से परविन्दर को फोन से कहलवाया कि परविन्दर को मिलनें के लिए कोई बहाना करके गांव से बाहर कहीं बुला लो।

शीशम नें परिवन्दर को फोन करके 15 मई को सायं साढे़ आठ बजे राप्ती नदी के सेमरा पुल बुलाया ।जहां पहले से मौजूद कन्हैया व सोनू नें परविन्दर को पकड़कर सिर पर किसी ठोस वस्तु से चोट मारकर हत्या कर दी और लाश को नदी में फेंक दिया। जिसकी लाश 17 मई को बरामद हुई थी। शीशम पुत्री मुन्ना व उसके भाई किशन नें इस घटना को अन्जाम देने की बात स्वीकार की पुलिस नें दोनो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

गिरफ्तार करनें वाली टीम में भीष्मपाल सिंह प्रभारी निरीक्षक, का0 दयानन्द उपाध्याय, का0 गोकुलेश उपाध्याय, म0का0 ममता वर्मा थाना मदनपुर देवरिया रहे।

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