विद्युत नियामक आयोग से सरकार को झटका, ‘आप’ ने लगाई थी याचिका…

electricity board
Demo pic: Electricity Board
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Jalaj Tripathi
जलज त्रिपाठी
भोपाल। प्रदेश में निजी बिजली कंपनियों को लाभ पहुंचा रही राज्य सरकार को विद्युत नियामक आयोग से झटका लगा है। दरअसल उच्चतम क्षमता पर काम कर रही बीरसिंहपुर ताप विद्युत इकाई के नवीनीकरण के लिए राज्य सरकार ने 1000 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रस्ताव आयोग को भेजा था। जिस पर आम आदमी पार्टी की ओर से आपत्ति लगाई थी।

आयोग ने फिलहाल बीरसिंह पुर विद्युत इकाई के नवीनीकरण के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। साथ ही आयोग ने दलील दी है कि जब इकाई उच्चतम क्षमता पर काम कर रही है तो फिर नवीनीकरण का क्या औचित्य है।

आम आदमी पार्टी की ओर से नियामक आयोग को बताया गया कि बीरसिंहपुर विद्युत घर पहले से ही उच्चतम क्षमता पर चल रहा है। गत वर्ष इस विद्युत गृह से 246 करोड़ यूनिट बिजली उपलब्ध होने पर भी राज्य सरकार ने मात्र 141 करोड़ यूनिट बिजली ही खरीदी थी। इस परियोजना से बनने वाली 2.50 रु/यूनिट बिजली न खरीदकर निजी कंपनी झाबुआ पावर से 87 रुपए प्रति यूनिट और जेपी बीना से 34 रुपए प्रतियूनिट बिजली खरीदी गयी।

आम आदमी पार्टी के राजेंद्र अग्रवाल ने विद्युत नियामक आयोग के समक्ष आपत्ति दर्ज की गई और 19 दिसंबर को सार्वजनिक सुनवाई के दौरान तर्क और तथ्यों के आधार पर मांग की गई कि सरकार की मांग याचिका को रद्द किया जाना चाहिए। आयोग ने 27 दिसंबर 2017 के आदेश में सरकार द्वारा 1000 करोड़ लगाने की इस याचिका को रद्द कर दिया है।

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