Bhupendra singh

प्रदेश के गृहमंत्री भी न बचा पाये रेप पीड़िता की जान

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Sarvesh Tyagi

सर्वेश त्यागी

भोपाल। मध्यप्रदेश के गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह के गृहजिले सागर में गैंगरेप के बाद जिंदा जलाई गई अबोध बालिका को गृहमंत्री भी नहीं बचा पाए। उन्होंने ऐलान किया था कि बच्ची को हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

वो सागर मेडिकल कॉलेज में 7 दिन मौत से जुझती रही परंतु ना तो उसे रिफर किया गया और ना ही कोई स्पेशल एक्टिविटी हुई। सागर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर अपने स्तर पर जो कुछ कर सकते थे, किया। पीड़िता ने तड़पते हुए दम तोड़ दिया।

बीना जिले के देवल गांव में इस नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म किया था, जब वह शोर मचाने लगी तो रेपिस्टों ने उसके ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी थी। 7-8 दिसंबर की इस घटना के बाद आरोपी फरार हो गए थे। इलाज के दौरान परिजनों ने स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी सवाल खड़े किए थे। जबकि इस मामले को खुद गृहमंत्री भूपेंंद्र सिंह देख रहे थे, उन्होंने मौके पर जाकर लड़की व उसके परिजनों से मुलाकात की थी और इलाज की बेहतर सुविधा देने के निर्देश दिए थे।

लड़की चिल्लाती हुई भागी थी बाहर…

किशोरी के चाचा ने बताया, उनकी भतीजी घर पर अकेली थी, तभी राघवेंद्र व शुभम नाम के दो युवक आए। दोनों ने बेटी से छेड़छाड़ और दुष्कर्म किया। वह शोर मचाने लगी तो आरोपियों ने उस पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। वह किसी तरह घर से चिल्लाती हुई बाहर भागी तो पड़ोसियों ने आग बुझाई थी।