इलाहाबाद में पीट-पीटकर दलित छात्र की हत्या का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

विजय
Main Accused Vijay Shankar Singh of Dalit Student Dilip Saroj Murder Case nabbed by Allahabad Police, four accused has been detained including Singh told Allahabad SSP.
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सुल्तानपुर जिले का रहने वाला मुख्य आरोपी विजय शंकर सिंह उत्तर रेलवे में TTE के पद पर इलाहाबाद में पोस्टेड था एवं कर्नलगंज में किराये के कमरे में रहता था…

Shabab Khan
शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

 

 

 

 

 

इलाहाबाद: दलित छात्र की पीट-पीट कर हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी विजय शंकर सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी रेलवे में टीटीई है। सुल्तानपुर के रहनें वाले विजय को इलाहाबाद पुलिस नें सुल्तानपुर बस स्टैंड से तब धर दबोचा जब वह कहीं भागनें की फिराक में था। एसएसपी आकाश कुलहरि ने कहा कि वारदात के बाद आरोपी कई शहरों में ठिकाने बदल रहा था लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अब तक 4 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।

यूपी सरकार ने दिलीप के परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। हत्या के बाद तनाव के माहौल को देखते हुए इलाहाबाद में सुरक्षा कड़ी कर दी गई। 26 साल के दिलीप सरोज की हत्या से गुस्साए छात्रों ने आगजनी और तोड़फोड़ करते हुये एक बस को आग के हवाले कर दिया।

बता दें कि 9 फरवरी की रात इलाहाबाद डिग्री कॉलेज से कानून की पढाई करने वाला दिलीप अपने तीन साथियों के साथ कर्नलगंज इलाके के कालिका होटल में खाना खाने आया था। लेकिन मामूली सी कहासुनी उसकी जान पर भारी पड़ गई।

कुछ लोगों ने दिलीप की सरेआम लोहे की रॉड और ईंट से एक के बाद एक कई वार किए जिससे वह कोमा में चला गया और अगले दिन सुबह मौत हो गई। इलाहाबाद डिग्री कॉलेज से कानून की पढ़ाई करने वाला दिलीप सरोज अपने तीन साथियों के साथ कर्नलगंज इलाके के कालिका होटल में खाना खाने आया था।

लड़ाई के दौरान कालिका होटल के ही एक वेटर मुन्ना सिंह ने बीच बचाव के दौरान दिलीप सरोज के सिर पर लोहे की रॉड मार दी। सिर पर गंभीर चोट आने से दिलीप होटल में ही बेसुध होकर गिर गया। लेकिन हत्या में शामिल औरे पेशे से टीटीई मुख्य आरोपी विजय शंकर सिंह यही नहीं माना, बेसुध पड़े दिलीप सरोज को दबंग पहले होटल के बाहर ले गए और लोहे की रॉड और ईंट से एक के बाद एक कई हमले किए। इसके बाद दिलीप को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

एक चश्मदीद के मुताबिक, ‘’पुलिस वारदात के वक्त नहीं आई। अगर पुलिस मौके पर आ जाती तो दिलीप को बचाया जा सकता था।’ लापरवाही के आरोप में इलाके के चौकी प्रभारी और दो सिपाहियों की निलंबित कर दिया गया है और कर्नलगंज एसओ के खिलाफ भी जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

गिरफ़्तार किये गये चारो अभियुक्तों को IPC 323, 307, 308, 302 व SC/ST Act की धारा 3(2)(V) के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।

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