mid day meal

मिड डे मिल में नहीं मिल रहे है बच्चों को फल और अंडे

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Rohit Kumar Mishra

रोहित कुमार मिश्रा

चाईबासा। सरकारी स्कूलों में मिड डे मिल बच्चों को दिया जाता है। इस मिड डे मिल का हर दिन का एक अलग मैन्यू होता है। सरकारी स्कूलों में मिलने वाला ये मिड डे मिल हमेशा से चर्चाओ में बना रहा है। सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मिड डे मील को लेकर मिल रही शिकायतों के बाद सरकार गंभीर हो गई है। लेकिन सरकार के निर्देश के बावजूद भी बच्चों को सप्ताह में एक दिन मौसमी फल और अंडा नहीं मिल रहा है।

ऐसे ही मामला जगन्नाथपुर प्रखंड के कसिरा पंचायत के नव प्राथमिक विधालय कोटासीगुटु देखने को मिला। वार्ड सदस्य विक्रम कोड़ा की उपास्थिति में उपास्थित बच्चे से पुछने पर बताया गया कि दो माह से न तो अंडा मिला है न ही फल। जब श्री कोड़ा ने विधालय प्रधानध्यापक नरसिंह केराई से इस सबंध में पुछा गया तो उन्होनें कहा कि खाता में अब तक अंडे का राशि नही आया है।

तो अंडा कैसे दे और तो और चावल भी खत्म हो गया है। आंगनबाड़ी से उधार पर अब तक 50 किलो चावल लेकर बच्चे को भोजन दिया जा रहा है। जिसपर शिक्षा कार्यक्रम पदाधिकारी महिर बिरुली से सर्पक करने पर उन्होनें कहा कि जिला से ही अब तक अंडे की राशि नही भेजी गई है और चावल के लिए रिर्पोट जिला को भेजी गई है। जल्द ही चावल भेजी जायेगी।

बता दे, कि इस विधालय में केजी से लेकर पांचवी कक्षा तक कुल 50 बच्चे है। जिसमें एक प्रधानध्यापक और एक पारा शिक्षकाएं सविता पाठ पिंगुवा है। वार्ड सदस्य विक्रम कोड़ा ने अरोप लगते हुए कहा कि सरकार इस छोटे-छोटे बच्चों के साथ खिलवाड़ कर रही है। हर स्कूल में मिड डे मील में अंडा दे रही तो इस स्कूल में क्यु नही। इससे साफ दिखता है कि कही न कही प्रशासनिक पदाधिकारी के लापरवाही से राशि का बंदरबाट कर रही है।