Shivraj chauhan

अब तुम्हारे हवाले मध्यप्रदेश साथियों: मुख्यमंत्री

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Sarvesh Tyagi

सर्वेश त्यागी

भोपाल। अमित शाह से मिलकर लौटे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक कार्यक्रम के दौरान बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि ‘मैं तो जाने वाला हूं, मेरी कुर्सी खाली है’ इसके बाद वो कार्यक्रम छोड़कर चले गए

भाजपाईयों ने इसे मजाक बताया है। जबकि कांग्रेस ने इस पर चुटकी ली है। जिसके बाद मध्यप्रदेश में राजनिति में नया मोड़ आ गया, पहले नन्द कुमार चौहान की विदाई और अब शिवराज सिंह की।

याद दिला दें कि सीएम बाबूलाल गौर को 6 माह पहले बता दिया गया था कि उन्हे कुर्सी छोड़नी होगी। भाजपा के भीतर भी चेहरा बदलने की मांग लगातार जारी है। कई गोपनीय रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि मध्यप्रदेश में चौथी बार सरकार बनाना है तो चेहरा बदल दें।

आनंद संस्थान के एक कार्यक्रम में अपने भाषण के अंत मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुनिया में कुछ भी परमानेंट नहीं है और मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कोई भी बैठ सकता है।

चुनावी साल में मुख्यमंत्री के इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने शिवराज के बयान पर कहा यह हकीकत उनकी समझ में आने लगी है। अभी चुनावों में वक्त है लेकिन शिवराज सिंह अभी से हताश होने लगे है।

वहीं शिवराज सिंह ने ट्वीट कर कहा है कि कुछ नेता प्रदेश में सिर्फ़ चुनाव के समय दिखते है, बाक़ी समय अपने तुग़लकी महलों में बिताते हैं। उनको लगता है कि कॉमन मैन को क्या पता चलेगा। एक फ़िल्म में मैंने सुना था, “नेवर अंडरेस्टिमेट द पावर ऑफ कॉमन मैन.” जनता को पता है कि कौन उनके साथ हमेशा रहा है, और हमेशा रहेगा।

राजनीतिक पंडितों की मानें तो पार्टी में अंदर ही अंदर काफी दिनों से चेहरा बदलने की मांग चल रही थी, वर्तमान मुख्यमंत्री पर पिछले 10 सालों में हुए घोटाले की काफी लंभी लिस्ट है जिस पर पक्ष और विपक्ष में लगातार घमासान होता रहता था, शायद इसी दबाब में आकर रास्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह यह फैसला कर लिया हो। लेकिन अभी तक औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन कायस लगाए जा रहे है कि चुनाव के पहले शिवराज का जाना तय है।