अतिक्रमण

अतिक्रमणकारियों पर चला बुलडोजर, सरकार की लीज की दुकान भी नहीं बच पाई

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Anil Upadhyay

अनिल उपाध्याय

देवास । 1 सप्ताह पूर्व प्रशासन द्वारा अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर 1 सप्ताह में अतिक्रमण हटाने के लिए आगाह किया गया था, लेकिन प्रशासन द्वारा अतिक्रमण के संबंध में दिए गए नोटिस का अतिक्रमणकारियों पर कोई असर नहीं हुआ।

आखिरकार प्रशासन को दमखम के साथ अतिक्रमण हटाने के लिए मैदान में आना पड़ा शुक्रवार को सुबह से ही प्रशासनिक अधिकारी पूरी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और एक बार और अतिक्रमणकारियों को चेतावनी देते हुए अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए कुछ लोगों ने तो अपने अतिक्रमण स्वयं के हाथों से हटाने लगे , लेकिन कुछ लोग द्वारा अतिक्रमण नहीं हटाने पर प्रशासन द्वारा बुलडोजर चला कर अतिक्रमण को हटाना शुरू कर दिया।

शुक्रवार सुबह लोगो को यकीन भी नही था कि प्रशासन सात दिनो के नोटिस के बाद अचानक पुरे दल बल के साथ पीला पंजा लेकर अतिक्रमण हटाने नगर मे पहुंच जाएगा क्योंकि पहले भी  कांटाफोड़ खातेगांव मार्ग के संबंध मे अनैको मर्तबा नगर के मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण हटाने के लिए जगह चिंहित कर नोटिस दिये जा चुके है। मगर अतिक्रमण अब तक नही हटा है।

लेकिन बिजवाड, कांटाफोड़, खातेगांव मार्ग निर्माण कार्य के चलते सडक निर्माण कंपनी के सहयोग से नगर परिषद कर्मचारियों द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कन्नौद सी एस सोलंकी एवं तहसीलदार सतवास डी एल अंसल के निर्देशन मे सीएमओ विजय कुमार शर्मा थाना प्रभारी तूरसिंह डाबर के द्वारा दलबल के साथ दो जेसीबी की मदद से बस स्टैंड पर स्थित अस्थाई दुकानो को हटा दिया गया। यहां तक कि नगर परिषद द्वारा निर्मित लीज पर दी गई दुकाने भी अतिक्रमण रेखा के दायरे मे आने से पीले पंजे से नही बच पाई।

हालांकि इन व्यापारियों द्वारा आंदोलनात्मक रूप अपनाने के कारण इन चौदह व्यापारीयो को नगर परिषद ने 45 दिनो मे नवीन दुकान निर्माण कर देने के लिखित आश्वासन देने बाद इन दुकानो को तोडा गया।

मकानो पर भी चला बुलडोजर-

नगर मे लोहारदा रोड पर अधिकारियों ने खडे रहकर सडक निर्माण मे बाधक बन रहे कई मकानो के बाहर बने ओटले व गैलरी को तोडा हालांकि नौ मकान मालिकों द्वारा न्यायालय से स्थगन आदेश लाने के कारण 23 अप्रैल तक के लिए उन्हें अतिक्रमण मुक्त रखा गया है।

“कांटाफोड़ के विकास के लिए बिजवाड कांटाफोड़-खातेगांव मार्ग निर्माण मे नगर मे बाधक बन रहे अतिक्रमण को तोडा गया है। नौ मकान मालिकों द्वारा न्यायालय से स्थगन आदेश लाने के कारण उन मकानो पर अतिक्रमण की कार्यवाही नही की गई है”।

सीएस सोलंकी – एसडीएम, कन्नौद