सपाक्स, MP Vidhan Sabha Chunav

आरक्षण की लपट: शिवराज सरकार के खिलाफ ‘सपाक्स’ सभी विधानसभा सीटों पर उतारेगा अपना उम्मीदवार

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Anil Upadhyay

अनिल उपाध्याय की रिपोर्ट…

देवास। लंबे समय से सपाक्स (सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी कर्मचारी समाज संगठन) सरकार की आरक्षण नीति से नाराज चल रहा है। अब  सरकार की सपाक्स विरोधी नीतियों के चलते सपाक्स अधिकारी कर्मचारी संगठन ने राष्ट्रपति को एक करोड़ लोगों के हस्ताक्षर से युक्त ज्ञापन देने का फैसला लिया है।

साथ ही साथ आने वाले चुनाव में शिवराज सरकार के खिलाफ मैदान में उतरने की ठान ली है। सपाक्स समाज सम्मेलन ने फैसला किया है कि वो अपने हक की लड़ाई चुनाव के माध्यम से लड़ेगा। इसके लिए वह प्रदेश की सभी 230 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करेगा। वहीं आज ही वरिष्ठ IAS अफसर वीणा घाणेकर ने सपाक्स की सदस्यता ली है। अब वे भी सपाक्स के साथ मिल प्रदेश की शिवराज सरकार के खिलाफ आरक्षण की लड़ाई लड़ेंगें।

दअरसल, रविवार को सपाक्स ने नर्मदा भवन में आयोजित बैठक में प्रदेश की सभी 230 सीटों पर सामान्य, पिछड़ा वर्ग और अलपसंख्यक समुदाय को एकजुट कर उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। इससे अलग हुई एक अन्य बैठक में सपाक्स ने आरक्षण एवं अन्य मांगो के लेकर पूरे प्रदेश में 1 करोड़ लोगों के हस्ताक्षर कराने का निर्णय लिया है। यह हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन अगस्त में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सौंपा जाऐगा।

वहीं सपाक्स के बैनर तले रविवार को भोपाल की सड़को पर जय सपाक्स, जय जय सपाक्स, हम सब माई के लाल, जो सपाक्स की बात करेगा वो राज करेगा के नारों से गूंज उठी।

अलसुबह से बड़ी संख्या में सपाक्स के कार्यकर्ता प्रकाश तरुण पुष्कर पर एकत्रित हो गए थे। सपाक्स के संरक्षक हीरालाल त्रिवेदी, राजीव शर्मा, डॉ के एल साहू, अध्यक्ष डॉ के एस तोमर, सपाक्स समाज के संस्थापक अध्यक्ष ललित शास्त्री, अजय जैन, आलोक अग्रवाल, अजय कौशल, प्रमोद वैद्य, डॉ के एस श्रीवास्तव, युवा संगठन के अध्यक्ष अभिषेक सोनी सहित सैकड़ों लोगों ने समानता दौड़ में भाग लिया। यह दौड़ प्रकाश तरुण पुष्कर से शुरू होकर शिवाजी प्रतिमा का राउंड लेकर वापस तरुण पुष्कर पहुंचकर समाप्त हुई।

दौड़ में यह नारा ‘दिग्गी पछताया था, मामा भी पछताएगा’, ‘हम सब माई के लाल’ जैसे नारों की गूंज से सरकार को यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि अभी भी सचेत ही जाओ वरना मुंह की खानी पड़ेगी।