ग्राम पंचायतों में भारी जल संकट, जिम्मेदार अधिकारी और नेता कुम्हकर्णी नींद में

water crisis
janmanchnews.com
Share this news...
Anil Upadhyay
अनिल उपाध्याय

देवास। इन दिनो क्षैत्र में भीषण जलसकट की स्थिती बनी हुई है। ग्रामिण दिन-रात पानी की जुगाड मे जुटे रहते है। कई ग्रामीण दुरदराज खेतो से पानी लाने को मजबूर है। जिस कारण ग्रामिणों कि दिनचर्या भी प्रभावित हुई है।

दिपगांव कुसमानिया मार्ग से लगी 11 ग्राम पंचायतो के 31 गांव भीषण जलसंकट कि स्थिति बनी हुई है। सभी गांवों के 239 हैण्डपम्पों में से मात्र 56 हैण्डपम्प पानी दे रहे है। और 7 बारिंग में मोटर डली हुई है। जबकि 2 हैण्डपम्प तकनीकी खराबी एवं 174 हैण्डपम्प जल स्तर गहराने के कारण बन्द पडे है। कई पंचायतों में निर्मल नीर कुए है।

लेकिन पर्याप्त पानी नही होने से ग्रामिणों कि प्यास बुझाने में असमर्थ है। भूमिगत जलस्तर करीब 250-300 फुट नीचे जा पहुंचा और हैण्डपम्पो में मात्र 150 फुट तक ही पाइप लगे हुए है। इसलिए हजारों ग्रामिणों पेयजल के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। यह समस्या प्रतिवर्ष बनती हैं लेकिन जनप्रतिनिधी एवं जिम्मेदारो ने अब तक इस समस्या के निराकरण के लिए कोई ठोस कदम नही उठाया है।

यदि क्षैत्र में कोई बांध षासन द्वारा बना दिया जाये तो ग्रमिणों को पेयजल तो मिलेगा ही साथ ही किसानों को सिंचाई लाभ भी मिल सके।जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत कुसमानिया में 6 हैण्डपम्प चालू एवं 14 हैण्डपम्प बन्द है। ग्रामिणों को सप्ताह में एक बार नल के माध्यम से पानी मिलता है। यहॉ कि आबादी 3921 है। जो पीने के पानी के लिए करीब 2 किमी दूर से जुगाड कर रहे है। साथ ही क्षैत्र का मुख्य मार्ग एवं बस स्टेण्ड होने से हजारो कि संख्या में यात्रियों एवं राहगीरों का आवागमन रहता है।

वह भी पानी के पाउच एवं बोतले खरीदकर प्यास बुझाते है। ग्राम किटिया के 5 हैण्डपम्प बन्द है। ग्रामिण पूर्व विधायक के खेत से आई पाइपलान से प्यास बुझा रहे है।

ग्राम पंचायत जागठा में 1 हैण्डपम्प चालू एवं 7 हैण्डपम्प बन्द है। हालांकि ग्रामिणों को नलजल योजना से पानी दिया जा रहा है। ग्राम पंचायत थूरिया में सभी 14 हैण्डपम्प बन्द है। नलजल योजना भी बन्द है। जमुनिया के  सभी 5 हैण्डपम्प बन्द है। थूरिया पठार के सभी 3 हैण्डपम्प बन्द हैं। टीनटप्पर के सभी 4 हैण्डपम्प बन्द है। ग्रामिण खेतो से पानी लाने को मजबूर है। ग्राम पंचायत बावडीखेडा में 2 हैण्डपम्प चालू एवं 6 हैण्डपम्प बन्द है। साथ ही नलजल योजना भी बन्द पडी है।

सरपंच प्रतिनिधी सोनारायण ठाकुर ने बताया कि 2014 बनी 45 लाख रुपये कि लागत कि टंकी खाली पडी ग्रामिणों को मुंह चिढा रही है। सेतीखेडा में 2 हैण्डपम्प चालू एंव 1 हैण्डपम्प कम पाइप होने से बन्द है।

ग्रामिणों के अनुसार इसमें पाइप बढा दिए जाये तो पानी कि पूर्ति हो सकती है। मानपुरिया में 1 हैण्डपम्प है। वह भी बन्द है।  घोघडा का 1 मात्र हैण्डपम्प बन्द है। मसनपुरा में 1 हैण्डपम्प चालू व 1 हैण्डपम्प बन्द है। दावत में 1 हैण्डपम्प चालू व 1 हैण्डपम्प बन्द है। ग्राम पंचायत भिलाई के 2 हैण्डपम्प चालू और 12 हैण्डपम्प बन्द है। मोहाई में 3 हैण्डपम्प चालू एवं 5 हैण्डपम्प जलस्तर गहराने से बन्द है। जबकि 1 हैण्डपम्प डाबरी मार्ग का तकनीकि खराबी बन्द है। ग्राम पंचायत नान्दोन में 1 हैण्डपम्प चालू और 8 हैण्डपम्प जलस्तर के कारण बन्द है।

जबकि प्राथमिक स्कूल परिसर का हैण्डपम्प तकनिकी खराबी के कारण जनवरी माह से बन्द है। कोलारी में 5 सरकारी बोरिंग में मोटर डाली गई एवं 3 हैण्डपम्प बन्द है। डाबरी में 2 हैण्डपम्प चालू एवं 6 बन्द है।गढवाय में 1 हैण्डपम्प चालू व 4 बन्द है। बडाखेत कें सभी 4 हैण्डपम्प बन्द है। ग्रामिण किसान के कुए में सरकारी मोटर डालकर पानी ले रहे है।

इधर खातेगॉव तहसील के ग्राम पंचायत ककडदी में 6 हैण्डपम्प चालू एवं 12 बन्द है। बरखेडी में 2 हैण्डपम्प चालू एवं 5 बन्द है।नन्दाडाई में 2 हैण्डपम्प चालू और 2 बन्द हैं।ग्राम पंचायत औंकारा में 3 हैण्डपम्प चालू एवं 11 बन्द है। नन्दाखेडा  में 3 हैण्डपम्प चालू एवं 4 बन्द है। सातल में 2 हैण्डपम्प चालू और 7 बन्द है। ग्राम पंचायत सागोनिया में 1 हैण्डपम्प चालू एवं 11 बन्द है। कालीबाई में 1 हैण्डपम्प चालू एवं 3 बन्द है। रीछीखों में 1 हैण्डपम्प चालू एवं 5 बन्द है। विक्रमपुर गॉव में नलजल से आ रहा हैं लेकिन स्कूल परिसर के 3 हैण्डपम्प बन्द है। ग्राम पंचायत आमला में 7 हैण्डपम्प चालू एवं 8 बन्द है। ग्रामिणों को 2 ट्यूबवेल एवं 3 कुऐ से ग्रामिण पानी ले रहे हैं फिर भी जलसंकट बना हुआ है।

ग्राम नान्दोन, मोहाई एवं सेतीखेडा के हैण्डपम्प को षीघ्र दिखवाता हू कोई समसया होगी तो तत्काल ठीक कर दी जायेगी। पेयजल संकट के स्थायी निराकरण के लिए क्षैत्र में बांध बने या आसपास के बांध से पानी सप्लाई कि व्यवस्था षासन स्तर से करनी होगी। इस बार सामान्य से कम बारिष होने के कारण भी जलसंकट बना हुआ हैं।

” हेमन्त सेठी- एसडीओ पीएचई”

क्षैत्र के पेयजल संकट दूर करने के लिए नर्मदा से समूह नलजल योजना स्वीकृत कराई जा रही है। जो इस वर्ष के अन्त तक स्वीकृत हो जायेगी। जिससे पेयजल संकट का स्थायी निराकरण हो सकेगा। वर्तमान में जहा ज्यादा जलसंकट कि स्थिति बनी हुई हैं वहा नये बारिंग लगवाये जायेंगे। और ग्रामिणो कि मांग पर हैण्डपम्प के स्थान पर मोटर लगवाई जायेगी।
” आशीष शर्मा – विधायक खातेगांव देवास”

Share this news...

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फॉलो करें।