पांचवी बार मप्र को मिला कृषि कर्मण अवॉर्ड, सीएम ने किसानों को दी बधाई

Shivraj Singh Chauhan
File Photo: CM Shivraj Singh Chauhan
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Rajkumar jayaswal
राज कुमार जायसवाल

भोपाल। आज शनिवार को मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार को 10 लाख टन से ज्यादा गेहूँ उत्पादन के लिए कृषि कर्मण पुरस्कार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिल्ली मे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को दिया गया। प्रदेश को यह पुरुस्कार पांचवीं बार दिया गया है। यह अवार्ड वर्ष 2015-16 के लिए दिया गया है।

लगातार पांचवीं बार कृषि कर्मण पुरस्कार मिलने के साथ ही मध्यप्रदेश कृषि उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन गया है।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को नई दिल्ली में पुरस्कार के तौर पर दो करोड़ रुपए और प्रशस्ति पत्र दिया। यह पुरस्कार 2015-16 में गेहूं उत्पादन में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए दिया गया है।पुरस्कार लेने मुख्यमंत्री के साथ कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन और प्रमुख सचिव डॉ. राजेश राजौरा दिल्ली पहुंचते है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज मेरे लिए बहुत खुशी और गौरव का क्षण है। मध्यप्रदेश को लगातार 5वीं बार कृषि कर्मण अवॉर्ड मिला है। इस सम्मान को प्रधानमंत्री मोदी के कर कमलों से ग्रहण करने का मुझे सौभाग्य मिलेगा। मध्यप्रदेश को बधाई। कृषि क्षेत्र में यह अभूतपूर्व प्रगति हमारे किसान भाइयों के कठिन परिश्रम, संबंधित विभाग के साथी मंत्री, अधिकारियों व कर्मचारियों के सतत पुण्य प्रयास का प्रतिफल है।

इस पावन उद्देश्य की प्राप्ति में सहयोग देने वाले हर व्यक्ति के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। भारत की प्रगति और विकास का प्रमुख आधार कृषि है और मध्यप्रदेश निरंतर इस दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। मैं और मेरी टीम खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने के संकल्पित है। अपने हर किसान भाई के जीवन में सुख, समृद्धि और आनंद का एक नया उजाला लाना मेरे जीवन का ध्येय है।

इसके पहले भी प्रदेश को समग्र और गेहूं उत्पादन के लिए पुरस्कार मिल चुका है। वर्ष 2013-14 में भी मध्यप्रदेश को यह पुरस्कार गेहूं उत्पादन के क्षेत्र में मिला था, जबकि वर्ष 2011-12, वर्ष 2012-13 एवं वर्ष 2014-15 में कुल खाद्यान्न उत्पादन में यह अवार्ड मिला। 

गौरतलब है कि इस दौड़ में पश्चिम बंगाल, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और तमिलनाडु भी थे। मालूम हो कि इस साल अल्पवर्षा के कारण रबी फसलें प्रभावित हुई थीं और सरकार ने 4 हजार 600 करोड़ रुपए की सहायता किसानों को बांटी थी। वहीं, 4 हजार 800 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड फसल बीमा भी बांटा गया था।

पारम्परिक रूप से सर्वाधिक गेहूं उत्पादन वाले हरियाणा और पंजाब को भी मध्यप्रदेश ने पीछे छोड़ दिया है। गेहूं उत्पादन में वर्ष 2014-15 के मुकाबले वर्ष 2015-16 में 7.64 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2014-15 में गेहूं उत्पादन 171.03 लाख टन था, जो 2015-16 में बढ़कर 184.10 लाख टन हो गया है।

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