आकाडोडा व सौसेरा को MP सरकार की बड़ी सौगात, बैराज बनाने को लेकर दी स्वीकृति

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Saurav Saxena
सौरव सक्सेना

विदिशा। क्षैत्र के आधा दर्जन ग्रामो में कृषि सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ग्राम सौसेरा में सिंध नदी पर और आकाडोडा में केवटन नदी पर बनने वाले बैराज का शिलान्यास सौसेरा में आयोजित कार्यक्रम में किया गया। ग्राम सौसेरा, सतपाड़ा कला के ग्रामीण सिंध नदी पर बैराज निर्माण की मांग करते चले आ रहे थे।

तो वही ग्राम आकाडोडा, स्यारी, कथरी, खरपरी, छीपनी, डिडौली, नेगमा पिपरिया आदि ग्रामो के किसानों द्वारा केवटन नदी पर बैराज निर्माण की मांग मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहानजी से करते आ रहे थे। श्री चौहान ने किसानों की मांग पर कार्यवाही करते हुए केवटन नदी पर बनने वाले केशरी बैराज जिसकी लागत 11 करोड़ 72 लाख एवं सौसेरा चक्क में बनने वाले बैराज जिसकी लागत 2 करोड़ 46 लाख रुपये के लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।

गुरुवार को सौसेरा में आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम जिला पंचायत अध्यक्ष तोरणसिंह दांगी, पूर्व विधायक हरीसिंह रघुवंशी, जनपद अध्यक्ष अंजली मनोज यादव, मंडी अध्यक्ष नरेन्द्रसिंह रघुवंशी, वरिष्ठ भाजपा नेता देवेंद्र यादव, सांसद प्रतिनिधि मनोज यादव, नगर मंडल अध्यक्ष राजेश शर्मा, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष गजेंद्र सिंह रघुवंशी, पप्पू रामजी,शिवराज सिंह रघुवंशी,बाबूलाल लोधी, अंकुर गुप्ता आदि ने बैराज निर्माण का शिलान्यास पूजन किया।

विभागीय सूत्रों के अनुसार ग्राम सौसेरा में सिंध नदी पर बनने वाले करीब 2 करोड़ 46 लाख 99 हजार के बैराज से करीब 150 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। यह बैराज 65 मीटर लंबा और 4 मीटर ऊंचा रहेगा। जिसमे चार गेट लगाए जाएंगे। वही ग्राम आकाडोडा में केवटन नदी पर 11 करोड़ 72 लाख 7 हजार रुपयों की लागत से बनने वाले केशरी बैराज से सिंध।

साथ ही केवटन नदी पर कई किलोमीटर पीछे तक पानी का भराव होगा इस बैराज की लंबाई 193 मीटर और उंचाई 7.10 मीटर होंगी और इसमे 10 पानी रोकने के लिए 10 गेट लगाए जायेंगे। इस बैराज से भी हजारो बीघा भूमि सिंचित होगी। तो वही नदियों में लंबे समय तक पानी भरे रहने से भूमिगत जलस्तर में भी सुधार होगा। जिससे आसपास के नालों, कुओं, तालाबो में भरपूर पानी रहेगा।

शीघ्र टेंडर निकाले जायेगे


सौसेरा चक्क और केशरी बैराज के लिए 2-3 माह में ही शीघ्र टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। जिसके बाद बेराजो का निर्माण आरंभ कर दिया जायेगा। इनके अलावा मुड़री ओर कालापाठा में भी लघु सिंचाई परियोजना को स्वीकृति दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

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