राष्ट्रपति की सुरक्षा में बड़ी चूक, किया अंजान चीज ने परेशान

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Sarvesh Tyagi

सर्वेश त्यागी

ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय में आयोजित दिव्यांगों और वृद्धजनों को सहायता उपकरण उपलब्ध के कार्यक्रम में ग्वालियर का पूरा प्रशासन पिछले 10 दिनों से राष्ट्रपति के स्वागत के लिए दिन रात मेहनत में लगा रहा।

पर उनकी सारी मेहनत पर उस समय पानी फिर गया। जब ग्वालियर में राष्ट्पति के आने से पहले हल्की हल्की बूंदे आने लगी। मौसम को देखतेे हुए कार्यक्रम के लिए वाटर प्रूफ पंडाल लगाया गया था।

पर क्या करे दिव्यांगों  और वृद्धजनों को सहायता उपकरण उपलब्ध करते समय अचानक राष्ट्रपति जी बार बार ऊपर देखने लगे। मंच पर मुख्य अतिथि रामनाथ कोविंद सहित कई अतिथि और अधिकारी बैठे हुए थे।

राष्ट्रपति की कुर्सी सभी के बीचों बीच रखी गई थी। अचानक से राष्ट्रपति कुछ असहज से होने लगे, वे बार-बार ऊपर की ओर देख रहे थे।

ऊपर देखने का कारण यह था कि उन पर कहीं से पानी की बूंदे आ रही थी। अब वाटर प्रूफ टेेंट में पानी आना थोड़ा सा अजीब लगा। गौर से देखने पर पता चला की टेंट पर चढ़े वाटर प्रूफ कवर में एक छेद है और वह छेद ठीक उसी जगह था जहां पर रामनाथ कोविंद बैठे हुए थे

जैसे ही समस्या का पता चला  प्रशासन ने आहिस्ता से राष्ट्रपति की कुर्सी उस जगह से ठोड़ी सी सरका दी। तब जाकर राष्ट्रपति जी बैठ सके

इस पूरे घटना क्रम में प्रशासन की चूक नजर आई। आखिर वो छेद कैसे किसी को नजर नहीं आया, इतनी मेहनत की गई। २ हजार से ज्यादा सुरक्षाबलों को तैनात किया गया था। पूरा प्रशासन इस कार्यक्रम को सफल बनाने में कड़ी मेहनत से लगा रहा। लेकिन एक गलती ने सारे किए-कारए पर पानी फेर दिया।