आर्थिक अपराध अन्वेषण के सिकंजे में फंस सकते हैं जिला सहकारी बैंक के लेखापाल 

Fraud
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Rambihari pandey
रामबिहारी पांडेय

सीधी। जिले के केन्द्रीय सहकारी बैंक अपने भ्रष्ट कारनामे के लिये विख्यात होता जा रहा है पहले भ्रष्टाचार के आरोप मे प्रबंधक की सेवा समाप्त हुई अव लेखापाल पर ईओडब्लू के कार्यवाही का खतरा मड़रा रहा है।

उनके खिलाफ एफ आई आर दर्ज कर जांच के लिये रीवा शाखा को भेज दिया गया है पर तीन माह का समय गुजर जाने के बाद भी कार्यवाही नही होना कई संदेहों को जन्म दे रहा है।

उल्लेखनीय है जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक सीधी मे पदस्थ सहांयक लेखपाल सुरेश कुमार पाण्डेय पर एक साप्ताहिक समाचार पत्र के सम्पादक संजय कुमार रैकवार ने आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने की शिकायत दर्ज कराया था जिसकी जांच के बाद ईओडब्लू के थाना भोपाल मे अपराध क्रमांक 51 मे दिनांक 17 दिसम्बर 2017 को प्रथमिकी दर्ज कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)(ई)सह पठित धारा 13(2)का अपराध दर्ज कर थाना प्रभारी बीरेन्द्र सिंह रीवा के उप निरीक्षक गोविन्द्र सिंह को जांच सौंपी है लेकिन तीन मांह का समय गुजर जाने के बाद भी रीवा की टीम ने जांच तक नही किया है।

इन आरोपों की हुई है जांच –
ईओडब्लू भोपाल ने अपने रिपोर्ट मे जिन आरोपों को उल्लेखित कर जांच करना स्वीकार किया है उनमे गौर करे तो सहांयक लेखापाल सुरेश पाण्डेय की नियुक्ति भृत्य के पद पर हुई थे वे केवल हाई स्कूल पास है लेकिन बैंक ने 1993 मे उन्हे लिपिक बना दिया गया था जवकी वे पात्रता नही रखते है श्रीपाण्डेय को बैंक के स्टोर का प्रभारी भी बनाया गया था बैंक के अधिकारियों पर मेहरवानी करने का भी आरोप लगा है उन्हे सहांयक लेखापाल बनाकर बर्ष 2014 मे स्टोर के प्रभार के साथ ऋण शाखा का भी प्रभार दे दिया गया जिसका फायदा पाण्डेय ने जमकर उठाया वे स्टोर व ऋण शाखा से अरवों रूपये कमाई करने मे सफल रहे है तो किसानों को ट्रैक्टर फाईनेन्स करने के नाम पर बड़े पैमाने मे हेरा फेरी किये है दो दर्जन से ज्यादा किसानों को ट्रैक्टर मिला ही नही जबकी उनके नाम से कर्ज आहरित हो गया है।

उनपर महराजपुर मे दो करोड़ रूपये के मकान बनाने के साथ साथ कोठार मे डेढ़ करोड़ के मकान बनाने सताहरी मे मकान के साथ साथ सीधी सिंगरौली जिले मे लगभग 150 एकड़ जमीन क्रय करने के अलावा दो स्कारपियों 4 हाइवा एक मारूती कार चार मोटर सायकल खरीदने का उल्लेख रिपोर्ट मे दर्ज है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ भोपाल की पुलिस ने लिखा है कि मिली शिकायत के बिन्दु क्रमांक 5,6,7,8,9 का सत्यापन किया जा चुका है जवकी बिन्दु क्रमांक 1,2,3,4 की जांच किया जाना उचित प्रतीक होता है जिसे रीवा शाखा द्वारा किया जाना है।

27 साल मे बीस लाख नौ हजार मिले बेतन –
आर्थिक अपराध के आरोपी सहांयक लेखापाल सुरेश पाण्डेय ने 1987से लेकर 2014 तक मे 2009402 रूपये बेतन के रूप मे प्राप्त किये है जवकी वे इसी अवधि मे अचल सम्पत्ति मे 25,95,200 रूपये के अलावा कोठार गांव मे 11,27,065 रूपये सतोहरी मे 3,78,392का मकान निर्माण कराया है। बाहन मे 65000 शिक्षा मे 1,50000खर्च किये है सत्यापन के अनुसार 20लाख नौ हजार चार सौ दो रूपये के समतुल्य वें 33663102 रूपये ज्यादा अर्जित किये है। वही असत्यापन योग्य ब्यय राशि 49,78,759 है जो ब्यय किया जाना पाया गया है। जो उनकी आय से दो गुना ज्यादा है। इसके अलावा पुत्रों के नाम पर बाहनों की खरीदी करना पंजाव नेश्नल बैंक के खाते मे अधिक राशि जमा होना पाया गया है। इतना ही नही चंन्द्रशेखर मिश्रा निवासी हिनौती के नाम पर भी सिंगरौली जिले मे जमीन क्रय करने पुत्रों के नाम जमीन क्रय करने के लगे आरोपों को पुलिस ने प्रथम दृष्टया प्रमाणित किया है।

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