किसान

मंडी व्यापारियों के खिलाफ महिला मजदूर संघ ने 3 घंटे तक चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया

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Saurav Saxena

सौरव सक्सेना

विदिशा (गंज बासौदा)। मध्य प्रदेश की कृषि उपज मंडियों में बासौदा की कृषि उपज मंडी ‘ए ग्रेट’ की मानी जाती है। लेकिन कुछ दिनों से देखने में आ रहा है कि यह ‘ए ग्रेट’ की मंडी विवादों की मंडी के नाम से मशहूर होती जा रही है।

कभी हम्मालों का विवाद तो कभी व्यापारियों की मनमानी अब महिला मजदूरों के विवाद के कारण 2/3 दिन से कृषि उपज मंडी सुर्खियों में है। मंडी व्यापारियों की दुकानों पर काम करने वाली महिला मजदूरों का आरोप है कि उन्हें जो मजदूरी के रूप में किसानों द्वारा अनाज के दाने दिए जाते थे वह मंडी समिति ने बंद करा दिए हैं।

जबकि मंडी समिति के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह रघुवंशी का कहना है कि नियमानुसार कभी दाने देने के आदेश नहीं दिए गए और ना ही दिए जाते हैं दाने देने की प्रथा पूर्ण रूप से गलत है जबकि महिला मजदूरों का आरोप है कि मंडी व्यापारी उनसे झाड़ू, पोछा, बर्तन सफाई, गोबर, पानी जैसे काम कराते हैं अपने-अपने घरों के वहीं दुकानों पर भी काम कराते हैं तो व्यापारीयो उन्हें ₹300 की मजदूरी के हिसाब से भुगतान करें।

यह उनकी मांग है और इसी मांग के चलते 2/3 दिन से महिला मजदूरों द्वारा मंडी में हड़ताल की जा रही जिसके चलते महिला मजदूर संघ आज चक्का जाम कर कर दिया जिससे जाम में फंसे नगर के लोगों को परेशानी उठानी पड़ी लगभग 3 घंटे तक चक्का जाम में स्कूली बच्चे भी परेशान होते रहे इसको देख कर स्थानीय प्रशासन भी मौके पर पहुंच गया महिलांना कार्यों से बातचीत कर चक्का जाम को शांत कराया लेकिन हड़ताल अभी भी जारी नायब तहसीलदार दिलीप सिंह जडिया एवम थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह दांगी ने आश्वासन देकर जाम हटवाया। वैजयंती भाई अध्यक्ष मजदूर यूनियन कहना है कि किसान के तोलने मे गिरे दाने हमको दिये जाये जिससे हम अपने बच्चो का पालन कर सके।