और 156 साल पुराना नाम ‘मुगलसराय जंक्शन’ के मिटने का समय आ गया

मुगलसराय
Eventually Mughalsarai Junction name is being erased... New name will be Pt. DD Upadhyay Junction...
Share this news...

लेकिन क्या जनता आम बातचीत में भी अब ‘मुगलसराय’ की जगह ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन’ का प्रयोग करेगी? मुश्किल है…

Shabab Khan
शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

 

 

 

 

 

 

मुगलसराय: देश के बड़े स्टेशनों में शुमार व लंबे इतिहास को अपने आप में समेटे मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम मिट गया। शुक्रवार को रेलवे स्टेशन के बोर्ड से मुगलसराय का नाम रंग पोत कर हटा दिया गया। इसके साथ ही 156 वर्ष पुराना जीवंत नाम अब इतिहास में दर्ज हो गया।

मुगलसराय के स्थान पर पं डीडी उपाध्याय जं नाम लिखने की कवायद जारी है। रेलवे अधिकारियों की माने तो रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद  रेलवे टिकट पर भी नाम बदलने की कवायद जारी है। हावड़ा दिल्ली रूट पर वर्ष 1862 में मुगलसराय रेलवे स्टेशन अस्तित्व में आया। एशिया के सबसे बड़ा रेलवे यार्ड की वजह से इसकी पहचान बनी।

मुगलसराय रेलवे स्टेशन के समीप 11 फरवरी 1968 को एकात्म मानव वाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय का शव मिला था। इसके बाद से ही भाजपा मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर रखने की मुहिम चला रही है। एक वर्ष पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और चंदौली सांसद डॉ. महेन्द्रनाथ पांडेय ने संसद में स्टेशन का नाम परिवर्तन का प्रस्ताव रखा। इसे संसद में प्रस्ताव पास कर उसे राज्य सरकार के पास भेज दिया गया।

18 जून को राज्य सरकार ने स्टेशन का नाम परिवर्तन के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र दे दिया गया। इसके बाद से ही स्टेशन के नाम परिवर्तन की कवायद तेज हो गई। दो जुलाई को ही पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक ने सेंटर फॉर रेलवे इन्फॉर्मेशन सिस्टम(क्रिस) में कम शब्द सीमा में नाम का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा था।

यहां से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद शुक्रवार को स्टेशन का नाम बदलने की कवायद शुरू हो गई। पहले दिन पूरे रेलवे स्टेशन पर लगे नाम पट्टिका का रंग रोगन का नाम मिटाया गया। मंडल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पृथ्वीराज ने बताया कि स्टेशन का नाम बदला जा रहा है। यहां जल्द ही नया नाम लिखा जाएगा।

Share this news...

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फॉलो करें।