खा गया नीरव मोदी पीएनबी को, बैंकों को 87 हजार करोड़ रुपये का घाटा

पीएनबी
Neerav Modi causes heavy loss to most of the banks in India...
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मोदी सरकार में कुछ बैंकों को छोड़कर सभी घाटे में चल रहे हैं, घाटे की मार सबसे ज्यादा करीब 14 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के नीरव मोदी घोटाले से त्रस्त पंजाब नेशनल बैंक पर पड़ी है…

Shabab Khan
शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

 

 

 

 

 

 

नई दिल्ली: सरकारी क्षेत्र के बैंकों का घाटा हर दिन बढ़ता ही जा रहा है। पिछले वित्त वर्ष 2017-18 में सरकारी बैंकों को 87,357 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। घाटे की मार सबसे ज्यादा करीब 14 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के नीरव मोदी घोटाले से त्रस्त पंजाब नेशनल बैंक पर पड़ी है, जिसने अपनी अकाउंट बुक में करीब 12,283 करोड़ रुपये का घाटा पिछले वित्त वर्ष में दर्ज किया है।

बता दें कि वित्त वर्ष 2016-17 में लगभग सभी बैंकों ने मुनाफा दर्ज किया था, लेकिन पिछले वित्त वर्ष के आखिरी तिमाही के आंकड़ों के सामने आने के बाद इस बार बैंकों ने भारी घाटा उठाया है।

दो ही बैंक रहे फायदे में

सरकार समर्थित 21 बैंकों में से मात्र इंडियन बैंक और विजया बैंक के खातों में ही पिछले वित्त वर्ष में लाभ दर्ज किया गया है। इंडियन बैंक ने 1258.99 करोड़ रुपये और विजया बैंक ने 727.02 करोड़ रुपये का लाभ अपने शेयरधारकों के सामने पेश किया है। इसके उलट शेष 19 सरकारी बैंकों को संयुक्त रूप से 87,357 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है।

इंडियन बैंक और विजया बैंक के मुनाफे को इसमें शामिल कर लें तो वित्त वर्ष 2017-18 में सरकारी बैंकिंग क्षेत्र को 85,370 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष 2016-17 में सरकारी बैंकों ने संयुक्त रूप से 473.72 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था।

बैंकों के इस घाटे के पीछे फंसे हुए कर्ज यानी एनपीए का बढ़ता स्तर भी जिम्मेदार माना जा रहा है, जो दिसंबर तक ही 8.31 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया था।

एनपीए बढ़ने से कमजोर वित्तीय स्थिति के कारण 21 में से 11 सरकारी बैंकों को भारतीय रिजर्व बैंक ने प्रॉम्पट करेक्टिव एक्शन (पीसीए) फ्रेमवर्क के तहत रखा हुआ है। साथ ही 12 फरवरी को नए प्रूडेंशियल मानक भी लागू किए हैं, जो बैंकों के लिए परेशानी बन सकते हैं।

वित्त मंत्री ने बनाई है एक कमेटी

कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने पीएनबी के नॉन-एक्जीक्यूटिव चेयरमैन सुनील मेहता की अगुआई में एक कमेटी भी बनाई है, जो दो सप्ताह में दबाव में फंसे खातों में तेजी से सुधार लाने के लिए बैंकिंग सिस्टम में एक एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी या एसेट मैनेजमेंट कंपनी बनाने के बारे में अपनी सिफारिशें पेश करेगी।

ये रहे हैं घाटा उठाने वाले शीर्ष-3 बैंक:

पंजाब नेशनल बैंक
12,282.82 करोड़ रुपये का घाटा इसके चलते उठाना पड़ा बैंक को इस साल
1324.80 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था बैंक ने 2016-17 वित्त वर्ष में

आईडीबीआई बैंक
8237.93 करोड़ रुपये का घाटा दिखाया है मार्च के अंत में बैंक ने
5158.14 करोड़ रुपये का मुनाफा 2016-17 में हुआ था बैंक को

भारतीय स्टेट बैंक
6547.45 करोड़ रुपये का घाटा 2017-18 में हुआ है देश के सबसे बड़े बैंक को
10,484.10 करोड़ रुपये का मुनाफा 2016-17 में दर्ज किया था बैंक ने खाते में

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