फानूस बनकर जिसकी हिफाजत हवा करे, वो शमा क्या बुझे जिसे रौशन खुदा करे

Alva Campbell
File Photo: Alva Campbell
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Pankaj Pandey
पंकज पाण्डेय
दुनिया डेस्क। “मारने वाला है भगवान, बचाने वाला है भगवान।” जब तक उनकी रजा नहीं हो कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है, तभी तो अमेरिका में मौत की सजा पाया हुए एक दोषी सजा दिए जाने के दिन मौत के मुंह से बाहर आ गया। उस शख्स को भी इस बात का यकीन नहीं हुआ और वो रो पड़ा।

अमेरिका के स्टेट ओहियो में मर्डर के दोषी एल्वा कैंपबेल को मौत की सजा दी जानी थी। सजा दिए जाने के निर्धारित वक़्त पर सजा देने वाली टीम एल्वा को एक ऐसे ड्रग का इंजेक्शन देने वाली ती जिसके लगाने के बाद उसकी मौत हो जाती। पर जिसे ख़ुदा ने जिंदगी बख़्शी हो भला उसे मौत का फरिश्ता ले कैसे जाते?

…और ऐसे बच गया दोषी

सजा दिए जाने के निर्धारित वक्त पर जब टीम उसे इंजेक्शन लगाने लगी तो उन्हें एल्वा की नस ही नहीं मिली। टीम डेथ चैम्बर में करीब आधे घंटे इंजेक्शन लगाने के लिए उसकी नस ढूंढती रही लेकिन उन्हें असफलता ही हाथ लगी। सजा के निर्धारित समय के 80 मिनट बाद डिपार्टमेंट ने उसकी मौत की सजा आखिरकार स्थगित कर दी।

सजा स्थगित होने के बाद रो पड़ा दोषी

एल्वा कैप्बेल  को खुद यकीन नहीं हुआ की वह जिंदा बच गया। मेडिकल गड़बड़ी के कारण उसको मौत की सजा नहीं दी गई। जैसे ही टीम ने सजा स्थगित की एल्वा बेड से उठा और रो पड़ा। उसने आंसू पोछते हुए सिपाहियों से हाथ भी मिलाया।

एल्वा की खराब हालात के कारण हुआ ऐसा

दरअसल 69 साल का यह शख्स कई बीमारियों से पीड़ित है। उसका स्वास्थ्य लंबे समय से बेहद खराब था। यही कारण है कि इंजेक्शन लगाने के लिए कोई भी नस ठीक से नहीं मिल रही थी। उसकी बुरी हालत को लेकर उसके वकील और परिवार वाले पहले ही कह चुके थे कि उसे इस हालत में सजा देना ठीक नहीं है।

बता दें कि एल्वा पर 20 साल पहले कार में अगवा कर एक छात्र को मारने का आरोप था, जिसके बाद उसे मौत की सजा दी गई थी।

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