फ्लाईओवर

फ्लाईओवर हादसाः केवल लापरवाही से गई 15 लोगों की जान, बीम की बेयरिंग में कोई नुख्स नहीं निकला लैब टेस्ट में

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लोग बाग अब भी पूछ रहें हैं सवाल कि घटना के जिम्मेदार क्या जिला प्रशासन का कोई अधिकारी नहीं?

Shabab Khan

शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

 

 

 

 

 

 


वाराणसी: यहां में हादसे का शिकार हुए निर्माणाधीन चौकाघाट फ्लाईओवर की बेयरिंग की गुणवत्ता में कहीं कोई कमी नहीं थी। नई दिल्ली के समीप स्थित एक मान्यता प्राप्त लैब की जांच में इसकी पुष्टि हुई।

लैब की जांच के बाद अब इन तथ्यों को और मजबूती मिल गई है कि हादसे की वजह जिम्मेदारों की लापरवाही थी। बता दें कि निर्माण कार्यों की समुचित मॉनीटरिंग न होने और जोखिम भरा काम होने के बावजूद ट्रैफिक डायवर्जन न कराए जाने सहित कई बिंदुओं पर एपीसी और गुप्ता कमेटी पहले ही अपनी रिपोर्ट सरकार को दे चुकी है।

इन रिपोर्टों में साफ तौर पर जिम्मेदारों की लापरवाही की तरफ इशारा किया गया था। यह भी बताया गया था कि तीन महीने से बीम-बीम आहिस्ता-आहिस्ता अपनी जगह से खिसकती रही और जिम्मेदारों का इस तरफ ध्यान नहीं गया।

दरअसल, चौकाघाट फ्लाईओवर हादसे के बाद बीम की बेयरिंग की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए थे। सेतु निगम ने बेयरिंग की जांच कराने का फैसला लिया था। इसी क्रम में चार बेयरिंग नई दिल्ली के समीप स्थित एक मान्यताप्राप्त लैब में भेजी गई थी। सेतु निगम के दो वरिष्ठ अभियंता भी वहां भेजे गए थे ताकि यह भी सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में ऐसी बेयरिंग का इस्तेमाल किया जाए या नहीं।

लैब से आई जांच रिपोर्ट में बेयरिंग की गुणवत्ता सही पाई गई है। लखनऊ मुख्यालय गए सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक संदीप गुप्ता ने भी बेयरिंग की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने की पुष्टि की। टेस्ट में बेयरिंग की गुणवत्ता सही पाई गई है। इसी बेयरिंग के साथ नई बीम ढाली जाएंगी।

फिलहाल कंक्रीट और क्रास बीम ढालने का काम जारी है। क्रास बीम ढालने का काम पूरा होने के बाद ही आगे का काम कराया जाएगा। सुरक्षा, ट्रैफिक डायवर्जन सहित अन्य पहलुओं पर जल्द ही प्रशासन के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक होगी। इसके लिए डीएम को पत्र भेजा गया है।